आशियाने का सपना दिखाकर फरेब का खेल

मकान और जमीन का सपना रखने वालों से धोखेबाजी का खेल खुलकर चल रहा है। फरेबी आशियाने का सपना रखने वालों के साथ खेती किसानी करने वालों को भी नहीं बख्श...

ग्वालियर. मकान और जमीन का सपना रखने वालों से धोखेबाजी का खेल खुलकर चल रहा है। फरेबी आशियाने का सपना रखने वालों के साथ खेती किसानी करने वालों को भी नहीं बख्श रहे हैं। नए साल की शुरूआत के 7 दिन में शहर के तीन थानों ने जमीनों में हेरफेर के चार केस दर्ज हुए हैं। यह ठग करीब एक करोड़ की ठगी कर पकड़ से बाहर हैं। यह हालात तब है जब इस तरह की ठगी से लोगों को बचाने जमीन, मकान की खरीद-फरोख्त का ब्यौरा ऑनलाइन सुविधा है। पुलिस कहती है कि ठगे गए लोगों की जिंदगी भर की कमाई हड़पने वाले खरीदारों के नजदीकी रहे हैं। इसलिए मकान, जमीन खरीद का सौदा करने वालों ने उन पर भरोसा कर पड़ताल करने से परहेज किया। ठगों ने इसी भरोसे में सेंध लगाकर ठगी की है।


जमीन के सौदे में जांच पड़ताल जरूरी
पुलिस अधिकारी कहते हैं जमीन ओर मकान के सौदे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे की जमीन मकान को हड़पने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इन घटनाओं में यह भी सामने आया है कि ठग तो शातिर हैं, उनसे सौदेबाजी करने वाले भी भरोसे में जरूरी जांच पड़ताल से परहेज करते हैं। इसका फायदा ठगों को मिलता है। ज्यादातर वारदातों में परिचित ही धोखा देकर लोगों की जिंदगी भर की कमाई हड़प रहे हैं।

केस-1
दोस्ती में दिया धोखा
उटीला दांगी खुर्द के सरपंच पति सोबरन जाटव और उनके पत्नी को पारिवारिक दोस्त हाकिम जाटव ने ही 4.65 लाख का चूना लगा दिया। हाकिम ने दंपती को दोस्ती के भरोसे में लेकर उन्हें टेकनपुर में अपनी जमीन बेचने का सपना दिखाया। उसने छह लाख में सौदा किया। दोनों ने आंखें मूंद कर हाकिम को 4 लाख 65 हजार रू दे दिया। रकम हाथ में आने के बाद दोस्त हाकिम आखें फेर गया। उसने न तो रजिस्ट्री की न पैसा वापस लौटाया। अब सरंपच पति रकम वापसी के लिए भटक रहे हैं।

केस-2
पुलिसकर्मी से भी ठगी
मकान खरीदने का सपना रखने में ठगे जाने वालों में आम लोगों के अलावा पुलिसकर्मी भी शुमार रहे हैं। जालसाजों ने उन्हें भी चूना लगाने से नहीं बख्शा नए साल के दूसरे दिन ही बहोड़ापुर पुलिस ने डीआरपी लाइन में रहने वाले भारत सिंह राजपूत के साथ 12 लाख की ठगी का मामला दर्ज किया। भारत सिंह का भाई पुलिस में है। दोनों ने अपना मकान लेना तय किया इसलिए परिचित गंभीर सिंह राजपूत से कहा। ठग ने उनकी विनयनगर में मकान दिखाकर सौदा कराया। टोकन मनी में 12 लाख रुपए लेकर रजिस्ट्री करने से मुकर गया।

केस-3
18 लाख का चूना
शब्दप्रताप आश्रम निवासी मुक्तिदेव शर्मा भी भरोसे में ठगे गए। उन्हें दोस्त विनोद और उनकी पत्नी सरला ने 18 लाख 60 का चूना लगा दिया। मुक्तिदेव को विनोद और सरला ने पुरानी छावनी पर तीन प्लॉट दिखाए। उनका सौदा और रजिस्ट्री भी कर दी। जब मुक्ति देव मकान बनाने पहुंचे तो मेग्मा कंपनी ने रोक दिया। उन्हें बताया कि जिस प्लॉट पर नींव भरने आए हैं वह उनके पास विनोद गिरवी रखकर पैसा ले जा चुके हैं। जमीन तो कंपनी है। वह यहां मकान नहीं बना सकते। अब मुक्तिदेव शर्मा इंदरगंज पुलिस से शिकायत कर इंसाफ के इंतजार में है।

केस-4
बिना जानकारी सौदा
सिकंदर कंपू निवासी विकास उपाध्याय की घाटीगांव ब्लॉक में 6 बीघा खेती की जमीन उनकी जानकारी के बिना ही बिक गई। उन्हें जमीन हड़पने वालों ने खेत जोतने से रोक दिया। विकास को बताया कि यह खेत कभी उनका हुआ करता था, अब उसकी मालकिन तो हरियाणा निवासी ओमवती राणा है। उनकी जानकारी के बिना खेत कैसे बिक गया विकास को पता नहीं अब वह थाने में न्याय मांगने इसके लिए चक्कर काट रहे हैं। वहीं कलेक्टर दफ्तर में हर दिन ऐसी शिकायते पहुंच रही हैं। विकास की जमीन करीब 25 लाख से ज्यादा कीमती है।


लोगों को होना होगा जागरुक
जमीन और मकान के नाम पर ठगी, फर्जी दस्तावेज के जरिए जमीन हड़पने की शिकायतें आमतौर पर जनसुनवाई में सामने आती हैं। ऐसे मामलों की पड़ताल में पुलिस को तमाम दस्तावेज की जांच परख करना पड़ती है, इसलिए जांच में नतीजे तक पहुंचने में काफी वक्त भी लग जाता है। इसका फायदा भी बदमाश उठाते हैं। हाल में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। उनमें आरोपियों की पहचान कर उन्हें तलाशा जा रहा है। ऐसे वारदातों की रोकथाम के लिए लोगों को भी जागरुक होना पड़ेगा। सौदेबाजी में भरोसे से ज्यादा जरूरी पड़ताल भी करना चाहिए।
सत्येन्द्र तोमर एएसपी क्राइम

रिज़वान खान Desk
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