आर्य समाज मंदिर से शादी करना है तो पहले पढ़ें हाईकोर्ट का ये फैसला

आर्य समाज मंदिर से शादी करने की सोच रहे हैं तो पहले हाई कोर्ट का ये फैसला जरूर पढ़़ लें। हाईकोर्ट की युगल पीठ ने एकल पीठ द्वारा दिए गए फैसले पर अपना नया आदेश सुनाया है।

ग्वालियर। आर्य समाज मंदिर से शादी करने वालों के लिए गुड न्यूज है। आर्य समाज मंदिर से होने वाली शादियों की मान्यता पूर्व की तरह ही होगी। ना ही मंदिर में शादियों पर कोई पाबंदी लगाई जाएगी। बता दें कि पहले हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने आर्य समाज मंदिर से शादी करने पर कई बंदिशें लगा दी थी।



आर्य समाज मंदिर में शादी करने पर एकल पीठ द्वारा लगाई बंदिशों को चुनौती देते प्रस्तुत की गई अपील को युगलपीठ ने स्वीकार करते हुए एकल पीठ के आदेश को खारिज कर दिया है। इस आदेश के बाद आर्य समाज मंदिर में अब पूर्व की तरह विवाह हो सकेंगे।

एकल पीठ के आदेश के खिलाफ प्रस्तुत अपील पर सुनवाई करते हुए इससे पहले युगलपीठ ने स्थगन आदेश दिया था। न्यायालय द्वारा सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया था।




एकल पीठ द्वारा एक बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका में सुनवाई करते हुए आर्यसमाज मंदिर में विवाह के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे। जिसमें युवक-युवती द्वारा विवाह का आवेदन देने पर उनके माता पिता को सात दिन का नोटिस दिए जाने के लिए कहा गया था।

माता-पिता की अनापत्ति के बाद यह भी देखना था कि युवक-युवती की विवाह के लिए वैध सहमति है या नहीं। विवाह से पूर्व इसकी जानकारी क्षेत्र के थाने में देने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके अलावा इस विवाह की वीडियोग्राफी कराने सहित अन्य दिशा निर्देश जारी किए गए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए आर्य समाज मंदिर का कहना था कि आर्य समाज में जो युवक-युवतियां आते हैं वे बालिग होते हैं और उन्हंे अपनी मर्जी से विवाह से नहीं रोका जा सकता है। आर्य मंदिर द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार ही विवाह होते हैं। जिसमें उनकी आयु़ के प्रमाणिकरण को भी देखा जाता है।
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shyamendra parihar
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