500 किलोमीटर की यात्रा कर सोनागिर पहुंचे आचार्य प्रसन्न सागर

- आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु का किया अभिषेक, 19 को ग्वालियर में करेंगे मंगल प्रवेश

ग्वालियर. आचार्य पुष्पदंत सागर से आचार्य की पदवी प्राप्त होने के बाद प्रसन्न सागर पहली बार जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर पहुंचे। उनके साथ मुनि पियूष सागर भी आए हैं। इंदौर से पदयात्रा करते हुए देवास, मक्सी, ब्यावर, गुना, शिवपुरी से होते हुए करीब 500 किलोमीटर यात्रा करके वे दतिया स्थित जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर पहुंचे हैं। सोनागिर कमेटी के महामंत्री बालचंद्र जैन सहित मंदिर कमेटी ने गाजेबाजे के साथ मंगल प्रवेश कराया। यहां पहुंचकर उन्होंने आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु का अभिषेक किया। इस मौके पर सामूहिक रूप से दीपों से भगवान चंद्रप्रभु की आरती श्रद्धालुओं ने की।
दोपहर में ग्वालियर के लिए विहार किया
19 जनवरी को ग्वालियर में मंगल प्रवेश के लिए आचार्य प्रसन्न सागर ने दोपहर में सोनागिर से पद विहार प्रारंभ कर दिया। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि रविवार को सुबह 7.30 बजे गाजे-बाजे के साथ आचार्य का मंगल प्रवेश होगा और जैन समाज के लोग अगवानी करेंगे। प्रवेश यात्रा नया बाजार से शुरू होकर हुजरात रोड, दौलतगंज, पारखजी का बाड़ा, सराफा बाजार, महाराज बाड़ा, मोर बाजार, दानाओली से नई सडक़ होते हुए कार्यक्रम स्थल चंपाबाग बगीची पहुंचेगी। 21 जनवरी को सुबह 8.30 बजे से अंतर्मना जनमंगल महायज्ञ महोत्सव और 23 जनवरी को सुबह 9 बजे से प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के मोक्षकल्याण पर निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा।

Narendra Kuiya Reporting
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