सोमनाथ की तर्ज पर बनेगा भगवान अचलनाथ का मंदिर,यह है पूरा प्लान

सोमनाथ की तर्ज पर बनेगा भगवान अचलनाथ का मंदिर,यह है पूरा प्लान

monu sahu | Publish: Sep, 16 2018 02:16:53 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 02:16:54 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

सोमनाथ की तर्ज पर नागर शैली में बनेगा भगवान अचलनाथ का मंदिर,यह है पूरा प्लान

ग्वालियर। भगवान गणपति महोत्सव के शुभ दिन में भगवान अचलेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोंद्धार का श्रीगणेश कर दिया गया है। मंदिर के शिखर को उतारने से पहले भगवान अचलनाथ की पूजा-अर्चना समिति के सदस्यों ने उनसे स्वीकृति ली। इसके बाद मंदिर के एक छोटे शिखर को हटाया गया। मंदिर के ऊपरी हिस्से को उतारने के लिए निर्माण एजेंसी द्वारा बांसबल्ली का पैरा बांधे जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

 

श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास समिति के सदस्यों एवं सुदर्शन इंजीनियर निर्माण एजेंसी के पदाधिकारी ने दोपहर साढ़े ग्यारह बजे अचलेश्वर महादेव की पहले पूजा अर्चना की। इसके बाद मंदिर की छत पर पहुंचकर एक छोटे शिखर को उतारा। मंदिर को उतारे जाने का काम दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा,इसके बाद आठ महीने में बंशी पहाड़पुर,राजस्थान से लाए गए पिंक पत्थरों से मंदिर का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

 

इन पत्थरों की शिलाओं की कटिंग का काम कर लिया गया है। अब तक निर्माण एजेंसी ने करीब अस्सी लाख की लागत से पत्थरों कटिंग कर ली है। पूरे मंदिर निर्माण पर तीन करोड़ ग्यारह लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। जाएंगे।

 

मंदिर में होगी वाटर हार्वेस्टिंग
अचलेश्वर महादेव मंदिर शहर का एक मात्र मंदिर होगा जिसमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। मंदिर की धुलाई के दौरान वेस्ट होने वाले पानी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर भू-जल को रिचार्ज किया जाएगा।

 

नागर शैली में बनेगा मंदिर
भगवान अचलनाथ का मंदिर सोमनाथ की तर्ज पर नागरशैली में तैयार किया जाएगा। मंदिर में अब तक चार गेट हैं। मंदिर के नए स्वरूप में चार बड़े और चार छोटे गेट तैयार कराए जाएंगे। मंदिर को उतारे जाते समय श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए कोई बाधा नहीं आएगी। निर्माण के समय के दौरान दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए समय निर्धारित किया जाएगा।

 

"गणेश जी के दिनों में भगवान अचलेश्वर महादेव के मंदिर का जीर्णोद्धार कराए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले दिन पूजा-अर्चना करके भगवान अचलनाथ से स्वीकृति ली गई। अब पैरा बांधकर मंदिर को उतारे जाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।"
हरिदास अग्रवाल, अध्यक्ष, श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास समिति

Ad Block is Banned