चोरी छिपे पनडुब्बियों से निकाल रहे थे रेत, 8 पनडुब्बियां जब्त

लंबे समय से सिंध नदी की गहराई में 70 से 80 फीट गहराई से रेत निकाल रहीं छह पनडुब्बियों को पुलिस, खनिज विभाग एवं राजस्व अमले ने छापा मारकर जब्त कर लिया। कार्रवाई ऊमरी थाना क्षेत्र के खेरा श्यामपुरा में 21 फरवरी की सुबह 11:30 बजे की गई। वहीं खेड़ा श्यामपुरा में कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमले ने पास में ही स्थित अतरसुमा खदान पर छापा मारा जहां दो पनडुब्बियों बरामद की गई हैं। कुल मिलाकर आठ पनडुब्बियों को प्रशासन ने जब्त कर लिया है

By: Vikash Tripathi

Published: 21 Feb 2021, 11:42 PM IST

छापामार कार्रवाई में डीएसपी मोतीलाल कुशवाह, खनिज अधिकारी आरपी भदकारिया, ऊमरी थाना प्रभारी दीपेंद्र यादव के अलावा नयागांव थाने का बल सहित आधा सैकड़ा सदस्यीय अमले ने किरदार अदा किया। सिंध नदी में तीन पनडुब्बियां पानी के ऊपर रहकर रेत निकालने का काम कर रही थीं, जबकि तीन पनडुब्बियां ऐसी थीं जो पानी के अंदर रहकर रेत बाहर फेंक रही थीं।
पनडुब्बियों को ढूंढऩे में लगा दो घंटे का समय
उल्लेखनीय है कि सिंध नदी की गहराई से रेत निकाल रहीं पनडुब्बियों को ढूंढऩे में छापामार दल को करीब दो घंटे का समय लगा, जबकि पानी के अंदर चल रहीं पनडुब्बियों को तलाशने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर डेढ़ बजे तक पांच पनडुब्बियां नदी से बाहर निकालकर पुलिस ने कब्जे में ले ली थीं।
खनन कंपनी द्वारा खदानों को उप ठेके पर देकर पनडुब्बियों से खनन कराने का आरोप
खेरा श्यामपुरा के लोगों की मानें तो शासन द्वारा जिस कंपनी को जिले की रेत खदानों का ठेका दिया गया है उस कंपनी द्वारा स्थानीय लोगों को उप ठेका देकर पनडुब्बियों से खनन कराया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणजन राममूर्ति सिंह, विनोद कुमार एवं रामधुन सिंह की मानें तो कंपनी से ठेके पर खदान लेने वाले खननकर्ता अपने जोखिम पर सिंध नदी में पनडुब्बियां उतारे हुए हैं। जिसकी पूरी जानकारी कंपनी के आला अधिकारियों को है। बावजूद इसके न तो कंपनी की ओर से इस पर अंकुश लगाया जा रहा है और ना ही उसके द्वारा प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया जा रहा था।
लहार, रौन, अमायन व भारौली की खदानों पर चल रहीं करीब 72 पनडुब्बियां
रेत खनन में सर्वाधिक उपयोग पनडुब्बियों का किया जा रहा है। रौन क्षेत्र में करीब आधा दर्जन, अमायन सर्किल की रेत खदानों पर करीब एक दर्जन, जबकि लहार क्षेत्र की छह खदानों पर 50 से ज्यादा पनडुब्बियां चल रही हैं। इतना ही नहीं भारौली क्षेत्र की रेत खदानों पर चार पनडुब्बियां रेत निकाल रही हैं।
पनडुब्बी जलाने की खोखली कार्रवाई नहीं, बल्कि जब्त कर ले जाया गया थाने
विदित हो कि अभी तक सिंध नदी पर बरामद की गई अधिकांश पनडुब्बियों को मौके पर ही आग के हवाले कर छोड़ दिए जाने की कार्यवाहियां होती रही हैं। पनडुब्बी में जलने के लिए सिर्फ वह लकड़ी के पटे होते हैं जिस पर इंजन कसा होता है। बाकी सारा कुछ लोहे का सामान रहता है। यहां तक कि नदी की गहराई तक जाने वाले पाइप भी लोहे के ही उपयोग किए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस या खनिज अमले के जाने के उपरांत माफिया पुन: पनडुब्बी को दुरुस्त कर खनन के उपयोग में लेना शुरू करते आ रहे थे। इस बार की गई कार्रवाई में जब्त की गई पनडुब्बियों को जलाने के बजाए थाने ले जाया गया है, जहां उन्हें राजसात किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

पनडुब्बियां पाए जाने पर सीधे तौर पर राजसात किए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। जिले में कहीं भी अवैध खनन की सूचना पर त्वरित रूप से कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मनोज कुमार सिंह, एसपी भिण्ड

Vikash Tripathi
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