हल्दी-धनिया और तरबूज की मिगी में बिलबिला रहे थे कीड़े, बगैर लाइसेंस हो रही थी मसालों की पैकिंग

हल्दी-धनिया और तरबूज की मिगी में बिलबिला रहे थे कीड़े, बगैर लाइसेंस हो रही थी मसालों की पैकिंग
नकली मसालों की सैंपलिंग करते खाद्य सुरक्षा अधिकारी

Dharmendra Kumar Trivedi | Updated: 12 Oct 2019, 12:30:36 AM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

-उषा ग्रह उद्योग पर एसडीएम का छापा, घी बनाने का 862 ग्राम एसेंस भी मिला

ग्वालियर। दाल बाजार में नकली मसाला बनाने वाली फैक्ट्री पर शुक्रवार की शाम को एसडीएम अनिल बनवारिया ने अचानक छापा मारा। कलेक्टर के पास पहुंची शिकायत के बाद टीम को फैक्ट्री में हल्दी-धनिया की बोरियों में कीड़े बिलबिलाते मिले। बाहर रखी तरबूज की मिगी में भी कीड़े थे। उषा ग्रह उद्योग के नाम से संचालित हो रही इस फैक्ट्री में अलग-अलग नामों की पैकिंग में मसाले भरकर बेचने के लिये बाजार में खपाये जाते हैं। अरगड़े की गली में तैयार हो रहे इन मसालों की पैकिंग पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट थी, न बैच नंबर था और न ही एफएसएसआई नंबर था। संचालक मनोज बंसल ने पूछताछ में बताया कि शॉप एक्ट के अंतर्गत पंजीयन कराया है, बाकी लाइसेंस की पूछने पर उसने चुप्पी साध ली। घर की दूसरी मंजिल पर चल रहे पैकिंग के इस व्यवसाय के जरिये सीधे लोगों की जान को खतरे में डालने का काम किया जा रहा था। एसडीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शिवहरे, लखनलाल कोरी,सतीश धाकड़ और निरुपमा शर्मा ने धनिया, हल्दी आदि के सैंपल लिये हैं। खास बात यह है कि आवासीय जगह में चल रहे इस व्यवसाय की बात बाहर न जाये, इसलिये बगैर खिड़कियों वाले कमरे में ही चक्की लगा रखी थी, जहां खड़े मसालों को पीसकर पैकिंग के लिये तैयार किया जाता था। कार्यवाही में एसडीएम और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अलावा राजस्व विभाग के होतम सिंह यादव, कुलदीप बघेल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

नकली घी बनाने का भी संदेह
मसालों के साथ-साथ ग्रह उद्योग में नकली घी बनाने का भी संदेह है। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण में एक बोतल में 862 ग्राम एसेंस मिला है। इस एसेंस को पानी में डालकर देखा तो पूरे पानी में घी के जैसी खुशबू आने लगी। बताया जाता है कि नकली घी तैयार करने के लिये रिफाइंड उबालकर इस एसेंस को मिलाया जाता है। जिससे बगैर क्रीम के ही घी तैयार हो जाता है, यह मिलावटी घी बाजार में सस्ते दामों में खपाया जाता है।

इन नामों की मिली खाली पैकिंग
-ताजा,महक,सोयम,बाबा गोल्ड,देवा-अंश,प्योर गोल्ड, सुपर सेवन डेज,डाइट एन्ड लाइट मसालों सहित अन्य की खाली पैकिंग मिली है। संचालक ने बताया कि यह पैकिंग रेडीमेड लाई जाती है। इन पैकिंगों के खली रैपर पर हैदराबाद,इंडिया, दिल्ली आदि जगहों के नाम लिखे हैं। इन पर प्रीमियम क्वालिटी फूड का स्लोगन लिखा है। ताजा के नाम से पैकिंग में काली मिर्च का मार्क था, इस पर अप्रैल २०१७ की एक्सपायर डेट थी। जबकि मसालों के पैङ्क्षकग पर लाल मिर्च, लाल मिर्च कुटी, कश्मीरी मिर्च, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, मीट मसाला, सांभर मसाला, चाट मसाला, अमचूर पाउडर लिखा हुआ है। महक ब्रांड के नाम से मसालों की सात बोरियां मिलीं, इन सभी में एक्सपायर मसाले भरे हुये थे।

इस तरह रखे थे मसाले
हल्दी

-कमरे के कौने में हल्दी का बोरा रखा था, इस पर कवर रखा था, कवर हटाते ही इसमें सबसे ऊपर ही कीड़े बिलबिलाते नजर आये। ऊपर से थोड़ा हटाने पर इसमें और जयादा कीड़े बिलबिलाते दिखे। संचालक ने बताया कि यह लगभग आठ महीने पुरानी रखी है।
धनिया

-हल्दी के पास ही धनिया का एक बोरा रखा था, इसके अलावा एक बोरी में इलायची पाउडर रखे होने की बात संचालक ने बताई। दोनों में कीड़े थे। धनिया में मिलावट भी साफ दिख रही थी।
बड़ी

-दो बोरियों में अलग-अलग डिजाइन की बड़ी रखी हुई थीं। इनमें मिट्टी लगी हुई थी। कार्यवाही के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि यह मिट्टी की मिलावट से बनाई जाती हैं। बाद में इनको दूसरी बड़ी के साथ मिलाकर पैक कर दिया जाता है।
दलिया

-ग्रह उद्योग में दलिया की छोटी-बड़ी सभी तरह की पैकिंग तैयार होती मिली। इसकी डाइट एंड लाइट के नाम से हो रही पैकिंग पर कोई उल्लेख नहीं था।
हवन सामग्री

-मसालों के पास ही एक बोरी में हवन सामग्री के नाम से चूरा भरा हुआ था, इसको लेकर वहां मौजूद सरकारी कर्मियों ने बताया कि इसमें कंडे मिलाये गए थे। इसमें मिलाने के लिये सड़ी हुई नारियल गरी को भी रखा गया था।
अमचूर

-ग्रह उद्योग में पिसा अमचूर भी तैयार किया जाता है, इसकी मात्रा बढाने और खटाई बरकरार रखने के लिए पुराना एक्सपायर आम का अचार पीसकर मिलाया जाता है।
आम जन के लिये सलाह

खाद्य सुरक्षा अधिकारी निरुपमा शर्मा ने बताया कि जिन मसालों से निम्न-मध्यम वर्ग की रसोई में बनने वाली सब्जी में जायका आता है, उसको परखना जरूरी है। जब भी मसाले या अन्य कोई खाद्य सामग्री बाजार से घर लायें तो
पहले मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायर डेट को जरूरी देख लेें। इसके साथ ही निर्माण स्थल, कंपनी का नाम, बैच नंबर, एफएसएसएआई मार्का जरूर देख लेना चाहिये।

वर्सन
-मसाला फैक्ट्री को लेकर शिकायत मिली थी, इसके बाद शाम के समय यहां कार्रवाई की। कार्यवाही के दौरान बहुत से एक्सपायर मसाले मिले हैं। हल्दी, धनिया, तरबूज की मिगी में कीड़े बिलबिला रहे थे। खराब अचार रखा हुआ था, इसको अमचूर में मिलाने की बात सामने आई है। फूड की टीम से सैंपल भरवाये हैं, इसके अलावा एक्सपायर सामान को नष्ट करवाया गया है। यह सीधे सेहत से खिलवाड़ का मामला है, इसमें अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

अनिल बनवारिया, एसडीएम
-घाटा होने पर मैंने आठ महीने पहले दुकान बंद की थी, उसमें जो सामान बचा था,उसको घर पर रख लिया था। यह सामान तब से एेसा ही रखा है। जबकि महक मसालों के पैकेट मेरे एक मित्र के हैं, उसने यहां रखवाये हैं। हमने शॉप एक्ट में पंजीयन कराया है। हम छोटा सा ग्रह उद्योग चला रहे हैं, मिलावट हम नहीं करते हैं।

मनोज बंसल, संचालक-उषा ग्रह उद्योग

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