आइटीएम ग्वालियर में एआइसीटीई की अटल ऑनलाइन एफडीपी का समापन

'क्रिएटिव इनोवेशन एंड स्टार्टअप विथ इंटरनेट थिंग्सÓ विषय पर देश-विदेश से कई विशेषज्ञों ने लिया भाग

By: Mahesh Gupta

Published: 15 Jun 2021, 02:10 PM IST

ग्वालियर.

रोबोटिक क्लीनर फर्श को साफ करने और पोछा लगाने में मदद करता है। ये रोबोटिक क्लीनर एक ऐसा रोबोट होता है, जो किसी दिए गए कमरे के फर्श की धूल की बेहतरीन तरीके से सफाई करने में सक्षम होता है। ऐसे ही स्मार्ट हेल्थकेयर सिस्टम और स्मार्ट आइओटी कार भी इस क्षेत्र का विकसित मॉडल है। कम पावर सेंसर नेटवर्क एप्लीकेशन के लिए मानव शरीर सेंसर को संचार का एक कुशल तरीका माना जाता है। वहीं कारों में आइओटी तकनीक का सबसे उन्नत उपयोग ऑटोनोमी ड्राइविंग है। स्मार्ट कारों में ऑटोमेशन के 0 से 5 तक के विभिन्न स्तर है। आइओटी तकनीक की उपयोगिता को कुछ ऐसे ही उदाहरणों के साथ समझा रहे थे श्रीडॉट्स इनोवेशन डॉट कॉम के विकनेश वाडिवेल। वे आइटीएम ग्वालियर में एआइसीटीई द्वारा प्रायोजित अटल ऑनलाइन एफडीपी के अंतिम दिन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान इंटरनेट ऑफ थिंग्स का उपयोग करने वाले स्टार्टअप के बारे में बताया।

यातायात निगरानी में देते हैं योगदान
इसके बाद अगले सत्र में लिंग्या विद्यापीठ यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के प्रो नंदकुमार ने आइओटी एनवायरनमेंट के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि हमें आइओटी की आवश्यकता क्यों है? आइओटी के विभिन्न एप्लीकेशन जैसे फिटनेस बैंड, पहनने योग्य इक्विपमेंट के रूप में जीपीएस ट्रेकिंग बैंड पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जब हम अपने मोबाइल फोन को सेंसर के रूप में उपयोग करते हैं, जो गूगल मैप जैसे एप्लीकेशन के माध्यम से हमारे व्हीकल से डेटा इक्_ा करके शेयर करते हैं, तो आइओटी का उपयोग हमें सूचित करने के लिए कर रहे हैं। साथ ही यातायात निगरानी में योगदान करते हैं।

स्टार्टअप्स इंडस्ट्रीज का बीज हैं: डॉ. खेड़कर
अटल एफडीपी के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद आइटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के प्रो वाइस चांसलर डॉ एसके नारायण खेड़कर ने कहा कि स्टार्टअप्स इंडस्ट्रीज का बीज है। नारायणमूर्ति और उनकी पत्नी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कैसे वे गैराज से विशाल साफ्टवेयर इंडस्ट्री इंफोसिस तक पहुंचे। उन्होंने संभावित विफलताओं से बचने के लिए आइओटी की सुरक्षा पर भी जोर दिया। इस मौके पर उपस्थित आइटीएम ग्वालियर की डायरेक्टर डॉ मीनाक्षी मजूमदार ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम आज जो भी करते हैं, वो कल की प्रतिकृति है। असिस्टेंट प्रो कुलदीप जादौन ने समापन रिपोर्ट पेश की व सभी 14 सत्रों की जानकारी दी। अंत में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिए गए।

Mahesh Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned