ऐलोवेरा, गिलॉय, नीम, हल्दी में होते हैं एंटी वायरस गुण

आजकल कोरोना के कहर में हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। इससे बचाव के लिए एन-99 मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे हाल ही में डीआरडीई ने विकसित किया है। एडवांस टेक्नोलॉजी बेस्ड यह मास्क एयरोसोल के कणों को 99 प्रतिशत तक फिल्टर करने की क्षमता रखता है, जिससे शरीर की सुरक्षा होती है।

By: Harish kushwah

Published: 16 May 2020, 07:12 PM IST

ग्वालियर. आजकल कोरोना के कहर में हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। इससे बचाव के लिए एन-99 मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे हाल ही में डीआरडीई ने विकसित किया है। एडवांस टेक्नोलॉजी बेस्ड यह मास्क एयरोसोल के कणों को 99 प्रतिशत तक फिल्टर करने की क्षमता रखता है, जिससे शरीर की सुरक्षा होती है। यह बात डीआरडीई के डायरेक्टर डॉ. डीके दुबे ने कही। वह जीवाजी यूनिवर्सिटी की ओर से कोविड-19 आउटब्रेक विषय पर बतौर वक्ता बोल रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का शुभारंभ प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के संदेश से हुआ। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

यूजीसी चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह यह समय चुनौती का है। जिससे देशभर में लॉकडाउन की स्थिति बन गई है। ऐसे में छात्रों का कोर्स ऑनलाइन पूरा कराया जा रहा है। ऑनलाइन वेबिनार से देश-विदेश के विशेषज्ञों को एक साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे छात्रों को फायदा होगा।

चीन से डॉ. जैक यू ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण दुनियाभर में मृत्युदर तेजी से बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि इसका पता शुरुआत के दौर में ही लगाया लिया जाए। इसका पता लगाने में रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन एंजाइमेटिक रिकॉम्बिनेशन एंप्लीफि केशन तकनीक का इस्तेमाल कर हमने जीन आधारित कोविड- 19 का पता लगाने के लिए एक सरल व तीव्र विधि विकसित की है।

आज के विशेषज्ञ

वेबिनार के दूसरे दिन शनिवार को डॉ. एडुआर्डो कार्डोना, यूएसए, डॉ. वेंकट जोशी यूके, डॉ. अपरूप दास, डायरेक्टर आईसीएमआर- एनआईआरटीएच जबलपुर, डॉ. साधना संवत्सरकर इंदौर का इंटरेक्शन रहेगा।

प्लांट्स पर भी हो वर्क

मणिपाल यूनिवर्सिटी के डॉ. मौसमी देबनाथ ने कहा कि कोविड-19 को टेस्ट करने के तीन तरीके हैं। पहला आरटी पीसीआर, दूसरा एंटीबॉडी बेस्ड और तीसरा क्रिस्पर टेक्निक। इसके अलावा हमें ऐलोवेरा, गिलॉय, नीम, हल्दी, अश्वगंधा जैसे प्लांट्स पर भी वर्क करना होगा, जिनमें एंटी वायरस गुण होते हैं। हमें नेचुरल प्रोडक्ट्स को दवा के रूप में विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

आइसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. वीएम कटोच ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा बताई गई गाइडलाइन का पालन करें। पर्सनल हाइजीन जरूरी है। आप यदि मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे बीच से न पकड़ते हुए साइड से पकड़कर इस्तेमाल करें। हेल्दी डाइट लें। इसके अलावा आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक दवाएं भी ले सकते हैं।

Harish kushwah
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned