एक आइडिया बना सकता है आपको बेहतर

जेयू के सीआइएफ में उद्यमिता प्रकोष्ठ की ओर से चल रहे तीन दिवसीय जागरूकता शिविर का समापन ।

ग्वालियर. आंत्रप्रेन्योरशिप को कई लोग काफ ी कठिन समझते हैं, क्योंकि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। कई लोगों का मानना होता है कि आंत्रप्रेन्योर बनने के लिए काफ ी पैसा लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए बड़े बजट या बड़े प्रोजेक्ट पर काम करना जरूरी नहीं है, जरूरी है बेहतर आइडिया। यह बात सीआईआई के चेयरमैन आशीष वैश्य ने कही। वह जेयू के सीआइएफ में उद्यमिता प्रकोष्ठ की ओर से चल रहे तीन दिवसीय जागरूकता शिविर के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
समस्याओं से कराया परिचित : भारत सरकार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम के समापन एक्सपर्ट ने स्टूडेंट्स को आंत्रप्रेन्योर बनने के दौरान आने वाली समस्याओं के हल के बारे में भी बताया। इस अवसर पर अन्य एक्सपर्ट के तौर पर अतुल गच्छ, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक अशोक कुमार शर्मा रहे। उद्यमिता प्रकोष्ठ सेल के को-ऑर्डिनेटर प्रो. डीडी अग्रवाल, काउंसलर वीआरएस गुर्जर और साइंटिफि क ऑफिसर साधना श्रीवास्तव सहित कई स्टूडेंट्स
मौजूद रहे।

Avdhesh Shrivastava
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