शादी के मुर्हूत कम, इन तारिखों पर नहीं हुई शादी तो करना पड़ेगा इंतजार

खरमास की समाप्ति के साथ ही विवाह जैसे मांगलिक कार्य पुन: शुरू हो जाएंगे और शहर में फिर से शहनाइयां गूंजने लगेंगी। 


ग्वालियर। मीन संक्रांति और खरमास 14 अप्रैल को सूर्य उदय के साथ ही खत्म होने वाली है। खरमास की समाप्ति के साथ ही विवाह जैसे मांगलिक कार्य पुन: शुरू हो जाएंगे और शहर में फिर से शहनाइयां गूंजने लगेंगी। खरमास होने के कारण शादियों अलावा अन्य मांगलिक कार्य भी रुके हुए हैं, जिन पर से अब रोक हट जाएगी और 16 अप्रैल से सभी मांगलिक काम शुरू हो जाएंगे।


शादी के मुर्हूत कम है, करना पड़ सकता है इंतजार
अप्रैल महीने में 8 दिन सहालग है। इसके बाद 28 अप्रैल से 9 जुलाई तक शादी का फिर कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के मुताबिक, शुक्र ग्रह अस्त होने से इस अवधि में विवाह मुहूर्त नहीं हैं। शुक्र उदय के बाद ही विवाह मुहूर्त बनेंगे। अप्रैल से दिसंबर तक इस साल 29 सहालग रहेंगे। नवंबर और दिसंबर माह में सबसे अधिक विवाह मुहूर्त हैं।


मई-जून में नहीं होंगी शादियां
ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब मई और जून माह में कोई विवाह मुर्हूत नहीं बन रहा है। जून के बाद जुलाई में भी सिर्फ 4 मुर्हूत हैं। जुलाई में देव सोनी एकादशी के बाद विवाह आदि कार्यक्रम 4 माह के लिए रुक जाएंगे और देवउठान एकादशी के बाद भी विवाह के मुर्हूत निकलेंगे।

 
इस वर्ष विवाह मुहूर्त
अप्रैल- 16,17,18,19, 22, 23, 24, 25
जुलाई- 10, 11, 13, 14
नवंबर- 16, 17, 21, 23, 24, 25, 26, 27, 30
दिसंबर- 1, 2, 3, 4, 8, 9, 12, 13, 14
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Shyamendra Parihar
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