जब 13 दिन जेल में रहा भाजपा का यह नेता, घर से सीबीआइ को मिली थी डायरी

राजमाता विजयाराजे और पवैया को बनाया था आरोपी, अभी भी चल रहा है प्रकरण

By: monu sahu

Updated: 05 Aug 2020, 02:47 PM IST

ग्वालियर। अयोध्या में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर की नींव रखेंगे। लेकिन उससे पहले हम कुछ ऐसी बातें आपको बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में आपको पता ही नहीं होगा। दरअसल बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में लखनऊ की सीबीआइ अदालत में ग्वालियर के फायर ब्रांड नेता जयभान सिंह पवैया के खिलाफ अभी मुकदमा चल रहा है। बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद जिन सात प्रमुख नेताओं को सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था, उनमें शामिल पवैया को पकडऩे के लिए उनके माधौगंज स्थित निवास पर सीबीआइ ने छापामारी की थी।

हालांकि तब पवैया उनके हाथ नहीं आए थे, लेकिन सीबीआई ने उनके घर से एक डायरी और उनके भाषणों की कैसेट जब्त करने का दावा कियाा था। इस मामले में राजमाता विजयाराजे सिंधिया को भी आरोपी बनाया गया था लेकिन अब उनका निधन हो चुका है। इस मामले में बाद में सीबीआइ ने भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, गिर्राज किशोर, विनय कटियार, शिवसेना सांसद सतीश प्रधान एवं जयभान सिंह पवैया को गिरफ्तार कर लिया था। सभी को माताटीला में मुनार जेल में रखा गया था। ये नेता 7 दिसंबर 93 से 13 दिन तक बंद रहे थे। इन नेताओं ने जमानत लेने से इंकार कर दिया था तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने दिल्ली में सभी नेताओं की रिहाई के लिए उपवास भी किया था। बाद में सभी को 20 दिसंबर को रिहा कर दिया गया था।

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पीतांबरा पीठ की मिट्टी लेकर अयोध्या गए पवैया
बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया सोमवार सुबह अयोध्या के लिए निकले। पवैया अपने साथ चंबल नदी का पानी और पीतांबरा सिद्ध पीठ की पवित्र माटी लेकर गए। जल और मिट्टी को अयोध्या में होने वाले राममंदिर निर्माण की नींव में डाला जाएगा। पीतांबरा पीठ की पवित्र मिट्टी विक्रम बुंदेला ने 2 अगस्त को पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को सौंपी। पवैया रविवार शाम को अयोध्या पहुंचे और तीन दिन रहेंगे।

चीनोर में भी मारा था छापा
बाबरी विध्वंस के बाद कुल 36 लोग आरोपी बनाए गए थे। मप्र से इनमें राजमाता विजयाराजे सिंधिया के अलावा जयभान सिंह पवैया एवं उमा भारती थीं। पवैया जब बुरहानपुर में सभा ले रहे थे तब उस समय सीबीआइ टीम ग्वालियर उनके निवास पर पुलिस बल के साथ पहुंची थी और उसने चीनोर में भी छापा मारा था। पांच घंटे की तलाशी में उसे केवल डायरी मिली थी, जबकि वह ढांचे के अवशेष ढूंढने के लिए आई थी।

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