बड़ी खबर: जेल में बंद भाइयों से बहनों की अब नहीं हो सकेगी मुलाकात, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

ban on meeting of sisters with their prisoner brother in state's jail : अब भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में इन मुलाकातों को बंद करने का ऐलान हो सकता है।

By: Gaurav Sen

Published: 03 Jan 2020, 01:22 PM IST

पुनीत श्रीवास्तव @ ग्वालियर

जेलों में अब होली, दिवाली की भाईदूज पर खुली मुलाकात कारागारों की सुरक्षा के लिए खतरा मानी जा रही है, इसलिए जेल मुख्यालय जल्द ही इन खुली मुलाकातों पर पाबंदी लगाने की प्लानिंग कर रहा है। सतना, रीवा और मालवा की जेलों में इन मुलाकातों को बंद किया जा चुका है। अब भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में इन मुलाकातों को बंद करने का ऐलान हो सकता है। इसके अलावा प्रदेश की जेलों में ड्रोन उड़ाने की तैयारी हो रही है। इसकी शुरुआत भोपाल जेल से की जाएगी। आसमान से बंदियों पर नजर रखने का प्रयोग कामयाब रहा तो बाकी सेंट्रल जेल में भी ड्रोन उड़ाए जाएंगे।

पाबंदियों के बावजूद जेलों के अंदर मोबाइल, हथियार के अलावा बाहर से चीजें लगातार पहुंच रही हैं। इसका बड़ा जरिया होली, दिवाली और ईद के त्योहार पर बंदियों से परिजन की खुली मुलाकात मानी गई है। इसलिए जेल मुख्यालय में इन मुलाकातों पर रोक का मंथन चल रहा है। जल्द ही इन पर पाबंदी का ऐलान हो सकता है। हालांकि जेल अफसर मानते हैं कि फैसले का विरोध हो सकता है, लेकिन जेलों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना पड़ेगा।

भोपाल जेल में उडेंग़े ड्रोन
जेल के अंदर बंदियों की हरकतों पर औचक निगरानी के लिए ड्रोन उड़ाए जाएंगे। इसकी शुरुआत इसी महीने भोपाल जेल से की जाएगी। दरअसल प्रदेश की कई जेलों का परिकोटा लंबा चौड़ा है। फिलहाल इन जेलों में जेलकर्मियों के अलावा सीसीटीवी सर्विलांस से निगरानी की जा रही है। जेल में बंदियों को भी पता रहता है कि कहां सीसीटीवी लगे हैं। बंदी उनकी नजर से बचकर हरकत करते हैं। औचक निरीक्षण के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। इसलिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी शुरुआत भोपाल जेल से इसी महीने की जाएगी। ड्रोन से निगरानी का फंडा भोपाल की सेंट्रल जेल में कामयाब होता है तो इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित बाकी सेंट्रल जेल में भी उन्हें उड़ाया जाएगा।

जेल में छापा, बैरक खंगाली, जमीन खोदकर खंगाले गड्ढे, तंबाकू मिली

ग्वालियर की सेंट्रल जेल में पुलिस ने जेल प्रशासन के साथ गुरुवार दोपहर को ज्वाइंट ऑपरेशन में छापा मारा। कार्रवाई जेल एडीजी गाजीराम मीणा की अगुवाई में हुई और करीब डेढ़ घंटे चली। ऑपरेशन में एसपी नवनीत भसीन पुलिस फोर्स के करीब 65 अधिकारी, जवान शामिल थे। इसके लिए पांच-पांच पुलिस और जेलकर्मियों की 10 टीम ने जेल की लगभग हर बैरक को खंगाला। यहां बंदियों के सामान और बिस्तर को उठाकर चैक किया। बैरक के बाहर कच्ची जगह को फावडे, गैंती से खोदकर देखा कि उसमें बंदियों ने बाहर से मंगाकर चीजों तो नहीं दबा रखी हैं। एक जगह पर खाली डिब्बा दबा मिला। तलाशी के दौरान बैरकों के बाहर तंबाकू की छोटी पुडियां और चूने की डिब्बयां मिलीं। बंदियों से पूछा तंबाकू कहां से आई है तो किसी ने जवाब नहीं दिया।

गुंडे परमाल से बोले एडीजी चलकर दिखाओ, फिट मिला तो बैरक में भेजा
चैकिंग के दौरान जेल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती बंदियों को भी चैक किया गया। प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज सिकरवार की हत्या का मास्टरमाइंड परमाल तोमर भी जेल अस्पताल में भर्ती मिला। परमाल को पुलिस ने शार्ट एनकाउंटर में पैर में गोली मारकर पकड़ा था। जेएएच में इलाज से उसकी हालत में सुधार होने के बाद उसे जेल अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। यहां कारागार के अस्पताल के बिस्तर पर लेटे परमाल तोमर से एडीजी गाजीराम मीणा ने कहा कि बिस्तर से उठो चलकर दिखाओ तो उसकी स्थिति ठीक मिली। गुंडे को फिट देखकर एडीजी मीणा ने उसे त्रिवेणी सेल में बंद करने के आदेश दिए। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि बदमाश राहुल राजावत को भी सेल में शिफ्ट किया गया।

जेलों की सुरक्षा में कसावट के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा जेल सुरक्षा को खतरा खुली मुलाकात से होता है। इसलिए प्रदेश की कई जेल में होली, दीपावली की भाईदूज और ईद पर होने वाली खुली मुलाकात बंद की गई है। भोपाल, जबलपुर और इंदौर में भी इन मुलाकात को बंद करने पर विचार किया जा रहा है। जेल में बंदियों की औचक निगरानी के लिए ड्रोन उड़ाए जाएंगे। भोपाल जेल से इसी महीने इसकी शुरुआत होगी।
गाजीराम मीणा, एडीजी जेल भोपाल

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