न तो चेक क्लियर हुए और न ही कैश ट्रांजेक्शन हो पाया

- 20 राष्ट्रीयकृत बैंकों के 800 से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कामकाज हुआ प्रभावित, अधिकारियों ने किया काम
- सुबह सभी कर्मचारियों ने इक_े होकर किया प्रदर्शन, करीब 80 करोड़ से अधिक के लेनदेन हुए प्रभावित

By: Narendra Kuiya

Published: 22 Oct 2019, 06:51 PM IST

ग्वालियर. विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीयकृत बैंकों में मंगलवार को हुई एक दिवसीय हड़ताल के चलते कर्मचारियों ने किसी प्रकार का कामकाज नहीं किया। इन सभी बैंकों में सिर्फ अधिकारी वर्ग अपने कामकाज निपटाते हुए देखे गए। एआइबीइए और बीइएफआइ के आव्हान पर की गई इस राष्ट्रीय बैंक हड़ताल के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों के 800 से अधिक कर्मचारी नो वर्क-नो पे के आधार पर हड़ताल में शामिल रहे। इस दौरान बैंक पहुंचे ग्राहकों निराशा ही हाथ लगी। बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों के मुताबिक इस हड़ताल की वजह से करीब 80 करोड़ के लेन-देन प्रभावित हुए हैं।
एटीएम से निकाला कैश
शहर में बैंकों की हड़ताल के चलते ग्राहकों ने एटीएम का सहारा लिया। इसके लिए एटीएम में कैश लोड करने वाली सुरक्षा एजेंसियों ने एटीएम को पहले से कैश से लोड कर दिया था। इसलिए ग्राहकों को अधिक दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। कुछ स्थानों पर फिर भी एटीएम खाली देखे गए।
ये काम नहीं हुए
बैंकों में हड़ताल के चलते ग्राहकों के किसी तरह के काम नहीं हो पाए। उनके नए खाते नहीं खुल सके। इसके अलावा उपभोक्ता सेवाओं में रकम का लेन-देन, चेक क्लियरिंग, लॉकर ओपनिंग, ड्रॉफ्ट, आरटीजीएस, एनइएफटी बनाने जैसे काम भी नहीं हुए।
यूको बैंक हाईकोर्ट पर किया प्रदर्शन
मंगलवार की हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों ने यूको बैंक ओल्ड हाइकोर्ट शाखा पर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। सुबह 10.30 बजे बैंककर्मी यहां इक_ेे हो गए थे उन्होंंने कर्मचारी बैंकों के प्रस्तावित विलय का विरोध, बैंकों का प्रस्तावित मर्जर वापस लिया जावे, बैंकों के खराब ऋणों की वसूली सख्ती से की जावे, जन विरोधी बैंक सुधारों को वापस लिया जावे, सभी बैंकों में समुचित वृद्धि हेतु नई नियुक्तियां शीघ्र की जावे आदि की मांग की। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। इस मौके पर विनोद कुमार बहल, भरत शर्मा, गोवर्धन शर्मा, संजय रणदिवे, अभय राजवाड़े, सुनील हर्शे, विवेक फडऩीस, ओ पी अग्रवाल आदि ने संबोधित किया।
निजी बैंकों में बढ़ा लेन-देन
जिन ग्राहकों के सार्वजनिक के साथ-साथ निजी बैंकों में भी खाते हैं उन्होंने हड़ताल के दौरान इन बैंकों के खातों के जरिए अपना कामकाज निपटाया। शहर के आईसीआईसीआई, एक्सिस, एचडीएफसी, बैंक ऑफ कर्नाटक आदि बैंकों में रोजाना की तरह कामकाज हुआ।
सफल रही है हड़ताल
शहर में 20 राष्ट्रीयकृत बैंकों के 800 से अधिक कर्मचारी इस एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए हैं। ये हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है। सरकार ने यदि हमारी मांगे नहीं मानी तो आगे भी विरोध प्रदर्शन के साथ हड़ताल की जाएगी।
- अतुल प्रधान, चेयरमेन, मप्र बैंक एम्लॉइज ऐसोसिएशन

Narendra Kuiya Reporting
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