बड़ी खबर : मंत्री-नेताओं को दिखाए काले झंडे,एक्ट को बताया काला कानून

बड़ी खबर : मंत्री-नेताओं को दिखाए काले झंडे,एक्ट को बताया काला कानून

monu sahu | Publish: Sep, 06 2018 12:12:19 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

बड़ी खबर : मंत्री-नेताओं को दिखाए काले झंडे,एक्ट को बताया काला कानून

ग्वालियर। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 19 को पिछड़ा वर्ग और युवा सम्मेलन में शामिल होने के लिए ग्वालियर आएंगे। इसकी तैयारियों के लिए बुधवार को मेला रोड स्थित निजी होटल में भाजपा की बैठक हुई। इस दौरान एट्रोसिटी एक्ट का विरोध कर रहे सवर्ण-ओबीसी वर्ग के युवा पहुंच गए और भाजपा नेताओं को खरीखोटी सुनाई। मंत्री और नेताओं को काले झंडे भी दिखाए। संभाग स्तरीय बैठक में प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, मंत्री माया सिंह, नारायण सिंह, रुस्तम सिंह और जयभान सिंह पवैया समेत कई बड़े नेता शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन बाहर हो रहे प्रदर्शन के कारण दोपहर में बैठक समाप्त होने के बाद भी बाहर निकलने से सकुचाते रहे।

 

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मंत्री या प्रदेश प्रभारी उनकी बात सुनें व ज्ञापन लें। नगर प्रशासन मंत्री और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री बाहर आए और बात की। सुबह सपाक्स, सवर्ण-ओबीसी संगठन के प्रतिनधियों ने महापौर विवेक शेजवलकर को चूडि़यां भेंट की और एट्रोसिटी एक्ट वापस लेने की मांग की।

 

मंत्री आईं पर नहीं लिया ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान सवर्ण-ओबीसी के प्रतिनिधियों से ज्ञापन लेने के लिए नगर प्रशासन मंत्री मायासिंह और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवाह बाहर आए। मंत्रियों के बाहर आते ही सभी ने मांग की कि मंत्री बैठकर उनकी बात सुनें और ज्ञापन लें फिर हम सभी वापस चले जाएंगे। इसके साथ ही कुछ लोगों ने सवाल दाग दिया कि भाजपा को सवर्ण-ओबीसी वोट नहीं चाहिए क्या ? इसके बाद दोनों मंत्री बगैर ज्ञापन लिए वापस चले गए तो प्रदर्शनकारियों ने बैठक स्थल के बाहर गेट पर ज्ञापन चस्पा किया और सडक़ पर चले गए।

 

छुप रहे हैं जनप्रतिनिधि
नारेबाजी करते हुए सभी ने मंत्रियों को बाहर आने के लिए आवाज लगाई। इसके बाद भी जब कोई प्रतिनिधि बाहर नहीं निकला तो सभी ने कहा कि जिनको हमने चुनकर जनप्रतिनिधि बनाया है, अब वे ही हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। इसके बाद साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा और उपाध्यक्ष रामेश्वर भदौरिया बाहर निकले और ज्ञापन देने की बात की तो सभी ने कहा कि वे भी बैठकर यहीं बैठकर बात करें। इसके साथ ही यह भी बताएं कि माई के लाल किसको बोला है। भाजपा नेता अपने नंबर बढ़ाने के लिए काम न करके जनहित की बात करें। इसके बाद बैठक स्थल से बाहर निकले नेता अंदर चले गए।

 

‘विधायक जी इस्तीफा दो’
बैठक से बाहर निकले सुमावली विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार (नीटू) को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। इसके बाद सभी ने विधायक से प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा। विधायक की चुप्पी के बाद सभी ने इस्तीफा देने की मांग कर डाली। कुछ देर बाद सिकरवार चुपचाप वहां से निकल गए।

Ad Block is Banned