बड़ी खबर : विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए खतरे की घंटी!,पढ़ें पूरी खबर

विधानसभा चुनाव में अभी छह माह बाकी है लेकिन इससे पहले भाजपा और शिवराज सरकार की मुसिबत कम होने का नाम नहीं ले रही है

By: monu sahu

Published: 13 Mar 2018, 08:00 PM IST

ग्वालियर। विधानसभा चुनाव में अभी छह माह बाकी है लेकिन इससे पहले भाजपा और शिवराज सरकार की मुसिबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस समय प्रदेशभर में विभिन्न कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे है जिससे भाजपा सरकार पर संकट के बादल मडऱाने लगे हैं,क्योकि आगामी छह माह बाद ही प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है लेकिन चुनाव से पहले कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने से भाजपा की छवि पर भी असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव के ऐन पहले ही विभिन्न विभागों के संविदा कर्मियों के गठजोड़ तैयार होने से सिस्टम ठप होने के खतरे की घंटी सुनाई देने लगी है।

 

स्वास्थ्य विभाग में तो अधिकांश कर्मचारी संविदा पर ही पदस्थ है। ये सभी २१ दिन से हड़ताल पर है। अन्य कर्मचारियो के भी हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं लडख़ड़ा गई हैं। यद्धपि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश रहे हैं। ३००० से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर बताए जा रहे है।

 

संविदाकर्मी हड़ताल को और व्यापक बनाने के लिए एक बैनर तले आने की तैयारी में है। पंचायत एवं ग्रामीण विभाग, सर्वशिक्षा अभियान, कृषि विभाग, नपा समेत एक दर्जन से अधिक विभागों के कर्मचारी जिला अस्पताल स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और समर्थन का ऐलान करने के साथ एक जुटता के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगे नहीं मानी तो १५ मार्च को सभी विभागों का काम ठप कर दिया जाएगा। उधर तृतीय श्रेणी कर्मचारियों ने भी आंदोलन को समर्थन देने का मन बना लिया है।

 

संविद स्वास्थ्यकर्मियों तथा अन्य हड़तालियों को आप ने भी समर्थन दिया है। जिला संयोजक महेश कुमार मिश्रा, पूरन नागर, साकेत सक्सेना, आशीष कटारे आदि धरना स्थल पर पहुंचे। दूसरी ओर सरकार ने १२ मार्च तक हड़ताल खत्म न करने पर बर्खाश्ती की धमकी दी थी लेकिन आज भी कोई संविदा कर्मीकाम पर नहीं पहुंचा।

 

आशा, ऊषा ने की वेतनमान देने की मांग
सरकारी कर्मचारी घोषित करने तथा वेतन मान देने की मांग को लेकर आशा,ऊषा का धरना प्रदर्शन जिला अस्पताल परिसर में खुले आसमान तले चल रहा है। सोमवार को २५० से अधिक आशा, ऊषा धरने पर रही। आशा, ऊषा के हड़ताल पर जाने से एनआरएमच का कार्य प्रभावित है। उनको सालों बाद भी मानदेय नही मिल रहा है जबकि सुरक्षित प्रसव कराने जैसे महत्वपूर्ण कार्य इनके हाथों में रहता है। महीनें भर काम करने के बाद भी उन्हें एक हजार रुपए भी शासन से नहीं मिल पाते।

 

 

Bharatiya Janata Party

२१वें दिन भी जारी रहा स्वास्थ्य कर्मियों का धरना
नियमितीकरण तथा बर्खाश्त संविदाकॢमयों को बहाल करने की मांग को लेकर २१वें दिन भी जिला अस्पताल के टीनशेड में धरना प्रदर्शन जारी रहा। निष्कासन पत्रों को जलाकर आक्रोश व्यक्त किया गया। पंचायत कर्मी संघ के एलके अवस्थी तथा सर्वशिक्षा अभियान के प्रबल श्रीवास्तव ने धरनास्थल पर पहुंंचकर समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उन्हें काम करते १५ से २० साल का समय हो गया है। इसके बाद भी सरकार उनसे मामूली वेतन पर काम करा रही है।कभी भी बाहर निकाल दिया जाता है।

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