१९५५ में बना था कानून, इसे तो पहले ही लागू होना चाहिए था : शेजवलकर

-भाजपा ने राष्ट्रपिता की मंशा को पूरा किया, इस कारण कांग्रेस फैला रही है भ्रम

By: Rajendra Talegaonkar

Published: 03 Jan 2020, 06:15 PM IST

ग्वालियर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी चाहते थे कि देश में नागरिकता कानून लागू होना चाहिए। उनकी मंशा के अनुसार कांग्रेस सरकार ने १९५५ में कानून तो बनाया लेकिन लागू नहीं किया। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद बापू की इच्छा को पूरा करते हुए इस नागरिकता संशोधन कानून को लागू किया है। कांग्रेस को यही बात हजम नहीं हो रही है, इसलिए वह इस कानून को लेकर हिंदु और मुसलमानों के बीच दरार डालने का काम कर रही है।
सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने इस कानून को लेकर भाजपा से किए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह कहती हुई फिर रही है कि इसे लागू करने में जल्दी की गई जबकि हमारा कहना है कि कांग्रेस ने इसे लागू नहीं कर गांधी जी की भावना को ठेस पहुंचाई है। कांग्रेस का विरोध समझ से परे है। अब वह खुद भी समझ गई है इसलिए इस कानून के बजाए महंगाई की बात कर रही है।

शेजवलकर ने कहा कि इस कानून को लेकर संविधान को खतरे में डालने की बात करने वाली कांग्रेस भूल गई है कि उसने १९७५ में आपातकाल लगाकर संविधान को तोडऩे मरोडने का काम किया था। जिसे बाद में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने सत्ता में आने पर दुरुस्त किया था। इस कानून को लागू करने के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।


कांग्रेस का आचरण लोकतंत्र के प्रतिकूल

इस कानून को लागू नहीं करने की बात कर कांग्रेस लोकतंत्र के प्रति अपनी अनास्था जता रही है। इस देश में सभी को आजादी है, फिर आजादी की बात क्यों की जा रही है, लोगों ने आजादी के साथ मुझे सांसद चुना, इससे पहले आजादी के साथ प्रदेश में कांग्रेस को चुना, आखिर एेसे नारे लगाने वाले कैसी आजादी चाहते हैं। जब यह कहा जा चुका है कि जब एनआरसी पर कोई चर्चा ही नही ंहुर्ह है तो इस बारे में भी क्यों भ्रम फैलाया जा रहा है।

Rajendra Talegaonkar Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned