कांग्रेस में शामिल होने वाले बीजेपी के कद्दावर नेता अशोक अर्गल के खिलाफ हुई साजिश, वायरल हुई AUDIO

कांग्रेस में शामिल होने वाले बीजेपी के कद्दावर नेता अशोक अर्गल के खिलाफ हुई साजिश, वायरल हुई AUDIO

By: Gaurav Sen

Updated: 29 Mar 2019, 07:16 PM IST

मुरैना. सुरक्षित लोकसभा क्षेत्र भिण्ड-दतिया से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर दिमनी से पूर्व विधायक संध्या राय को लेकर पूर्व सांसद अशोक अर्गल की बगावत की असल वजह सामने आ गई है। पहली बार नगर निगम बने मुरैना में महापौर के चुनाव के दौरान संध्या राय के पति सुमन राय ने अर्गल को हराने के लिए प्रयास किए थे। इसकी पुष्टि करता हुआ एक करीब 25 मिनट का ऑडियो वायरल हुआ है।

इस ऑडियो में संध्या के पति अपने किसी नजदीकी से भाजपा उम्मीदवार को अर्गल को हराने और कांग्रेस प्रत्याशी राजू सोलंकी को जिताने के लिए कह रहे हैं। इसके लिए वे सामने वाले को कांग्रेस का महापौर जीतने पर सभी काम होने का भरोसा दे भी रहे हैं। ऑडियो की बातचीत में राय का दावा है कि अर्गल संध्या राय की राजीनीति खत्म करने का प्रयास हमेशा करते रहे हैं। संध्या राय के पति सुमन का दावा है कि वे अपने रुपए खर्च करके अर्र्गल को दिल्ली ले जाते रहे, चुनाव में हर प्रकार से मदद करते रहे, लेकिन अर्गल ने हमेशा उन्हें निपटाने की कोशिश की। हमारी गैस एजेंसी को बंद कराने के लिए अर्गल ने सभी प्रकार के हथकंडे अपनाए।

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सांसद रहते हुए स्वयं शिकायतें कीं और अपने मित्र सांसदों से करवाईं। बातचीत में राय धमकी दे रहे हैं कि यदि उनकी गैस एजेंसी बंद हो जाती तो वे अर्गल को गोली मार देते हैं। वहीं अर्गल का दावा है कि संध्या राय को 2003 में उन्होंने ही भाजपा से टिकट दिलवाया था और जितवाने में पूरी मदद की थी, लेकिन उनके पति हमेशा हमारा विरोध करते रहे हैं। जब पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में संध्या राय के पति के काम करने का प्रतिफल सांसद का टिकट देकर मिलता है, तो यह पार्टी पं. दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों वाली नहीं रही। अर्गल ने कहा कि वे पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बावजूद भिण्ड-दतिया में निरंतर सक्रिय रहे।

पिछले चुनाव में टिकट कटने के बाजवूद वे पार्टी के साथ रहे और विरोध नहीं किया। लेकिन अब पार्टी ने ऐसा उम्मीदवार उतार दिया है, जिसके पति हमेशा हमारा बुरा चाहते हैं। बता दें कि अर्गल वर्ष 2009 में मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र अनारक्षित हो जाने के बाद सुरक्षित हुए भिण्ड-दतिया संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बने थे और चुनाव जीते थे। लेकिन वर्ष 2014 में अर्गल को कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। हालांकि बाद में वर्ष 2015 में पहली बार गठित मुरैना नगर निगम के लिए महापौर पद के चुनाव में वे भाजपा के उम्मीदवार के तैर पर मैदान में आए और जीते। लेकिन वे विधानसभा चुनाव में अंबाह और लोकसभा में भिण्ड से चुनाव लडऩा चाहते थे।

शिकायत पर अर्गल ने दी सफाई
गैस एजेंसी खत्म कराने सुमन राय के आरोपों को अर्गल ने नकारा है। उन्होंने कहा कि पहले गैस की बहुत किल्लत थी, क्षेत्र के लोग सांसद कूपनों से कनेक्शन लेते थे। लेकिन सुमन राय उनमें भी मनमानी करते थे, इसकी शिकायत की थी। बाद में ऐसी कोई शिकायत नहीं की।

संध्या राय के विधानसभा चुनाव में हमने पूरी मदद की थी। रात को तीन बजे तक काम किया था। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्यारे सिंह तोमर इसकी गवाही दे सकते हैं। लेकिन उनके पति सुमन ने हमेशा हमारा बुरा करने की कोशिश की है। पार्टी के विरोध में काम करने वाले को टिकट देना अच्छी बात नहीं, किसी निष्ठवान समर्पित कार्यकर्ता को चुनाव लड़ा दे, हमें कोई ऐतराज नहीं होगा।
अशोक अर्गल, पूर्व सांसद व महापौर

Gaurav Sen
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