भाजपा... इस नियम से कार्यकर्ताओं के सपनों पर फिर सकता है पानी

भाजपा के संगठन चुनाव के अगले चरण में होने वाले मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष का चयन होगा। पार्टी द्वारा उम्र की सीमा तय कर दिए जाने के बाद जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल

ग्वालियर. भाजपा के संगठन चुनाव के अगले चरण में होने वाले मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष का चयन होगा। पार्टी द्वारा उम्र की सीमा तय कर दिए जाने के बाद जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल कई दिग्गजों की उम्मीदों पर वज्रपात होता हुआ दिख रहा है। इन दावेदारों को यह भी उम्मीद है कि अपवाद स्वरूप इस सीमा को यहां तोड़ा जा सकता है।
ग्वालियर में 9 और 10 नवंबर को सभी मंडलों के चुनाव तय थे, लेकिन अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फैसला दिए जाने के कारण भाजपा ने मंडल चुनाव भी स्थगित कर दिए थे, लेकिन अगले सप्ताह में यह चुनाव होने की उम्मीद है। इस बार मंडल अध्यक्ष के लिए 40 साल तक की उम्र तय कर दी गई है। इस चुनाव में सर्वसम्मति से मंडल अध्यक्ष का चुनाव होने पर इन नामों को प्रदेश को भेजा जाएगा। प्रदेश द्वारा अध्यक्ष के निर्वाचन की घोषणा की जाएगी। मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन की घोषणा के बाद जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा। मंडल अध्यक्ष जिलाध्यक्ष का चुनाव करेंगे।

आक्रामक और युवा की जरूरत
इस पद पर 50 साल की सीमा तय होने के बाद प्रमुख रूप से जो दावेदार थे उनके सामने बड़ा संकट पैदा हो गया है। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी इस नियम से भिन्न होकर भी निर्णय ले सकती है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में पार्टी विपक्ष में होने से पार्टी को आक्रामक और युवा अध्यक्ष की जरूरत है, जो सरकार के खिलाफ खड़ा रह सके। वरिष्ठ नेताओं में जिन नामों पर चर्चा है उनमें आशुतोष माहेश्वरी, पारस जैन, पूर्व साडा अध्यक्ष जयसिंह कुशवाह, अशोक जादौन, उपेंद्र सिंह बैस, रामेश्वर भदौरिया, कमल माखीजानी और राजेश सोलंकी के नाम शामिल हैं।

रिज़वान खान
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