10 दिन में फिर से आया तेलों में 15 से 20 रुपए किलो का उबाल

- थोक तेल कारोबारियों के मुताबिक आगे 200 रुपए तक जा सकते हैं सरसों तेल के दाम, आमजन की रसोई पर पडऩे लगा असर

By: Narendra Kuiya

Published: 01 Aug 2021, 10:59 AM IST

ग्वालियर. खाद्य तेलों के भाव कुछ दिन पूर्व कम हो चले थे, लेकिन पिछले 10 दिनों में एक बार फिर से तेलों के दामों में 15 से 20 रुपए प्रति किलो का उबाल आ चुका है। सरसों, सोयाबीन से लेकर मूंगफली का तेल महंगा हो चला है। तेल-तिलहन के दामों पर नियंत्रण की सरकार की अब तक कि कोशिशें फेल होती दिख रही हैं। मंडियों में सोयाबीन के दाम 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल को पार कर गए हैं, यही कारण है कि सोयाबीन का तेल भी महंगा होता जा रहा है। तेलों के दाम बढऩे से आमजन की रसोई पर भी असर पड़ रहा है। शहर में तेलों की रोजाना की खपत करीब 100 टन है।

ऐसे बदले भाव
तेल 21 जुलाई 31 जुलाई
सरसों तेल 150 रुपए 165 रुपए
सोयाबीन तेल 140 रुपए 160 रुपए
मूंगफली तेल 170 रुपए 180 रुपए
(नोट - सभी तेलों के दाम फुटकर में प्रति किलो के हिसाब से)

200 रुपए जा सकता है सरसों तेल
विदेशी बाजार में फसल कम होने से यहां भी दाम बढ़ रहे हैं। इंडोनेशिया और मलेशिया में लॉकडाउन चल रहा है। आगे सोयाबीन की फसल कम है, दाम और बढ़ सकते हैं। सरसों का तेल 200 रुपए तक जा सकता है।
- अनिल पंजवानी, तेलों के थोक कारोबारी

बिक्री पर भी पड़ रहा असर
सावन का महीना शुरू होते ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाता है, ऐसे में तेलों के दाम बढऩे से आमजन परेशानी में है। इससे बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। 5 लीटर तेल लेने वाला 2 लीटर से काम चला रहा है।
- दिलीप खंडेलवाल, अध्यक्ष, खेरिज किराना व्यवसायी संघ

Narendra Kuiya Reporting
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