बहु को रानी बनाकर नहीं बेटी बनाकर लाओ : कौशिक महाराज

- कुंज बिहार में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

By: Narendra Kuiya

Updated: 17 Feb 2020, 11:44 PM IST

ग्वालियर. कुंज बिहार में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कौशिक महाराज ने कहा कि बहु की रानी बनाकर नहीं बेटी बनाकर घर लाओ। रानी बनाकर लाओगे तो उसकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं कर पाओगे और बेटी बनाकर लाओगे तो सूखी रोटी में भी गुजारा कर लेगी।
कौशिक महाराज ने कहा कि ग्वालियर भिंड मुरैना ब्रज क्षेत्र है। इस वजह से यहां धर्मकर्म बहुत होता है। उन्होंने चंबल के एक डाकू का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बालक बैंगन चुरा कर लाया तो मां ने डांटने की बजाय बैंगन की सब्जी बना ली। पहले उसने छोटी-छोटी चोरी की और फिर डकैती करने लगा। पकड़े जाने पर उसे फांसी की सजा हुई तो उसने मां से मिलने की इच्छा जाहिर की। मां मिलने गई तो उसने नाक-कान काट लिए। पूछने पर उसने कहा कि मां तू मुझे पहले ही दिन चोरी करने से रोक देती तो मैं डाकू बनकर फांसी नहीं चढता। इसलिए मां की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को संस्कार दें।
उन्होंने सास को नसीहत देते हुए कहा कि बहुओं से लड़ो मत। बेटी देर तक सोती है दिक्कत नहीं, बहू सोती है तो उन्हें जली कटी सुनाती हो। यह भेदभाव ठीक नहीं है।
बच्चों के नाम से जोड़े ईश्वरनाम
कौशिक महाराज ने नामकरण संस्कार के बारे में बताया कि बेटी के नाम के अंत में बड़ी और बेटे के नाम में अंत में छोटी मात्रा होनी चाहिए। नाम में ईश्वर का नाम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज लोग बच्चों के उटपटांग नाम रखते हैं। हमारे ग्रंथों में कई अच्छे नाम मौजूद हैं। जैसे उत्कर्ष, सुकृति, मंजुला, जाहन्वी, गार्गी, अदिति आदि।

Narendra Kuiya Reporting
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