भाई को नहीं मिला ब्लड तो बना डाला जीवनदान एप

करीब दो साल पहले मेरे भाई का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसका पैर पूरी तरह से डैमेज हो चुका था। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद बाद डॉक्टर ने ए निगेटिव ब्लड ग्रुप की आवश्यकता जताई...

ग्वालियर. करीब दो साल पहले मेरे भाई का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसका पैर पूरी तरह से डैमेज हो चुका था। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद बाद डॉक्टर ने ए निगेटिव ब्लड ग्रुप की आवश्यकता जताई। काफी परेशान होने के बाद ब्लड मिला, लेकिन मुझे अहसास हुआ कि न जाने कितने लोग मेरी तरह परेशान होते होंगे तभी कुछ ऐसा करने को विचार आया, जिससे जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजन को सुगमता हो। चूंकि मैं आइटी का छात्र हूं और टेक्नोलॉजी से पूरी तरह वाकिफ हूं, इसलिए ऐसा ऐप डिजाइन करना शुरू किया, जिससे लोगों को अकेले ग्वालियर से ही नहीं पूरे देश में ब्लड बैंक और उनमें उपलब्ध ब्लड के बारे में लोग जान सके। इस एप को मैंने जीवनदान का नाम दिया।
यह कहना है शहर के आइटीएम से एमटेक कर चुके स्टूडेंट शैलेंद्र राजपूत का। जिन्होंने अपने भाई के लिए ब्लड न मिलने पर तीन महीने में कड़ी मेहनत कर फ्री एप डिजाइन किया। इस एप की मदद से अभी तक सैकड़ों लोगों को मदद मिल चुकी है।


जीवनदान एप में हैं यह तीन ऑप्शन
शैलेंद्र ने बताया कि यह एप में तीन ऑप्शन दिए गए हैं। पहला ऑप्शन सर्च इन ब्लड बैंक है जिस पर क्लिक कर यूजर को अपना राज्य और शहर टाइप करना होता है। यह शहर के सभी ब्लड बैंक और उनके नंबर डिस्प्ले कर देता है। दूसरा ऑप्शन सर्च इन एरिया है। इसे क्लिक कर यूजर को एरिया पिनकोड और ब्लड ग्रुप डालना होता है और यह उस एरिया के सभी लोगों की लिस्ट जारी कर देता है जिनका ब्लड ग्रुप दिए गए ब्लड ग्रुप से मैच करता है। ये वे सभी यूजर्स है जिन्होंने एप डाउनलोड की होती है। तीसरा ऑप्शन सर्च इन योर सिटी है। इसमें किसी भी शहर का एसटीडी कोड डालकर वहां के ब्लड बैंक की स्थिति को जाना जा सकता है। वह भी अब तक 10 बार ब्लड डोनेट कर चुके हैं।

रिज़वान खान Desk
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