ड्रोन इमेज से देखा जा सकता है बदलाव

ड्रोन इमेज से देखा जा सकता है बदलाव

Avdhesh Shrivastava | Publish: Mar, 17 2019 06:48:26 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

एमआइटीएस में सीएस आइटी विभाग द्वारा शॉर्ट टर्म कोर्स का आयोजन एआइसीटीई के क्वालिटी इंप्रूवमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है।

ग्वालियर. आजकल ड्रोन इमेज से शहर में समय के साथ हुए बदलाव को देखा जा सकता है और यह कार्य कंप्यूटर की सहायता से ऑटोमैटिक किया जा रहा है। रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट इमेजेस का मौसम की फ ोरकास्टिंग एवं जंगल में बढ़े हुए नए पेड़ की संख्या तक का पता लगई जा सकती है। इसके लिए इमेज को अलग-अलग भागों में क्लासीफ ाई किया जाता है। यह बात आइआइटी पटना की डॉ श्रीपर्णा साहा ने सेमिनार के दौरान कही। एमआइटीएस में सीएस आइटी विभाग द्वारा शॉर्ट टर्म कोर्स का आयोजन एआइसीटीई के क्वालिटी इंप्रूवमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है। आइआइआइटीडीएम जबलपुर के डॉ. इरशाद अहमद अंसारी इमेज से जुड़े सिक्योरिटी इश्यू पर अपना व्याख्यान दिया। शॉर्ट टर्म कोर्स का संचालन डॉ. मनीष दीक्षित एवं प्रो. जयमाला झा द्वारा किया गया।
मॉडल में दिखा इनोवेशन : एमआइटीएस में ‘बिजनेस आइडिया ओपन माइक’ का आयोजन इनोवेशन सेल एवं डिजाइनर सेल के द्वारा किया गया। इस ओपन माइक में 50 से अधिक विभिन्न संस्थाओं के स्टूडेंट्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने ऑनलाइन वेडिंग, मोबाइल सेंसर, रीसायकल पेपर से पैंसिल बनाना, फ ोटोग्राफ ी के नए तरीके आदि को प्रदर्शित किया गया। इसके विजेता सौरभ प्रजापति एवं महेंद्र अग्रवाल को ट्रॉफ ी देकर सम्मानित किया गया एवं द्वितीय पुरस्कार शुभम अग्रवाल को दिया गया।

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