कस्टम का माल बताकर ब्रांडेड के नाम नकली घडिय़ां बेचने का धंधा पकड़ा

महंगी बिक रही थी असली के नाम पर नकली घडी

By: Puneet Shriwastav

Published: 19 Mar 2020, 03:02 AM IST

ग्वालियर। ब्रांडेड कंपनी टाइटन के नाम से नकली घडिय़ों का कारोबार विक्टोरिया मार्केट और टोपी बाजार में पकड़ा गया है। बुधवार को छह दुकानों पर दविश देकर क्राइम ब्रांच ने करीब १०.५० लाख रुपए की ३५० नकली घडिय़ां पकडी हैं।

इनमें करीब 321 घडिय़ां फास्ट ट्रैक मॉडल की हैं। ग्राहकों को यह घडिय़ां असली बताकर बेची जा रही थीं।
क्राइम ब्रांच टीआई दामोदर गुप्ता ने बताया ब्रांडेड कंपनी के नाम से नकली घडी का धंधा चल रहा है।

कंपनी के कंस्टलटेंट मैनेजर गौरव श्रीवास्तव ने टिप दी थी कि विक्टोरिया मार्केट और टोपी बाजार में असली के नाम पर नकली का कारोबार चल रहा है। इस पर बुधवार को दोनों बाजार में रेड की।

विक्टोरिया मार्केट में ट्रिपल एक्स फैशन, ब्रदर्स गारमेंट, राधा रानी और मनीष डिस्पोजल टाइटन के नाम से नकली घडिय़ों की खेप मिली। टोपी बाजार के साबू मार्केट में सोनी टाइम्स और नीलम वॉच कंपनी पर भी नकली घडिय़ां मिलीं।

सभी घडिय़ों पर टाइटन का टैग और नाम लिखा था।दुकानदारों से पूछा कि नकली पर असली का नाम कैसे दर्ज है तो जवाब नहीं दे पाए। नकली घडिय़ों को दुकान से समेट कर उन्हें बेचने वालों को भी पकड कर क्राइम ब्रांच थाने लाया गया।
विक्टोरिया मार्केट में सस्ती, टोपी बाजार में महंगी
गौरव ने बताया असली के नाम पर नकली धंधे में बाजार के हिसाब से कीमतें तय थीं। विक्टोरिया मार्केट में कंपनी की सबसे ज्यादा डिमांड वाली घडी करीब 300 से 500 रु के बीच में बिक रही थी। जबकि टोपी बाजार में यही घडी करीब एक हजार रुपए तक ग्राहकों को थमा रहे थे।

कारोबारी भांप लेते थे कि ग्राहक को घडिय़ों के बारे में कुछ जानकारी नहीं है तो इन घडिय़ों को ही असली बताकर उसकी असली कीमत पर भी थमा देते थे।

बिल और वारंटी कार्ड मांगने वाले ग्राहकों को चकमा देते थे कि सारा सामान कस्टम डयूटी बचाकर लाया गया है इसलिए रेट में कुछ अंतर है।

Puneet Shriwastav Reporting
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