2700 करोड़ के खनिज परिवहन पर अंकुश को लगने थे 4 जगह सीसीटीवी कैमरे, स्वीकृति के बाद फाइल बंद

-एक भी पॉइंट पर माइनिंग विभाग नहीं लगा सका सीसीटीवी कैमरे

By: prashant sharma

Published: 29 Jun 2020, 07:43 PM IST

ग्वालियर. जिले में होने वाले 2 हजार करोड़ के काले पत्थर, 500 करोड़ रुपए की रेत और 200 करोड़ का सफेद पत्थर खदानों से निकल रहा है। इसके अवैध और ओवर लोड परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए 2017 में बना प्लान अमल में आने से पहले ही दम तोड़ गया है। शहर से लगे चार पॉइंट पर कैमरे लगाने की योजना को प्रारंभिक मंजूरी मिलने के बाद मुख्यालय स्तर से ही विराम लगा दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि खनन कारोबारियों के दबाव में खनिज विभाग ने पारदर्शिता लाने वाली इस योजना को फाइलों में ही सीमित कर दिया है। निगरानी के लिए बने इस प्लान को अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों की मानें तो चैकपॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगने और सेवानिवृत सैनिकों के हाथ में निगरानी दिए जाने के बाद अवैध परिवहन पर बहुत हद तक अंकुश लगने के साथ-साथ विभागीय आय में भी दोगुनी बढ़ोतरी हो सकती थी।
इन पॉइंटस का हुआ था चयन
-चिरवाई नाका, मोहनपुर टोल, पुरानी छावनी और महाराजपुरा पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनी थी।
-सीसीटीवी कैमरे लगाने का यह प्लान 2017 में तैयार किया गया था।
-खनिज मुख्यालय ने पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो जगह कैमरे लगाने का प्रपोजल स्वीकार किया था।
-जनवरी 2018 में दो कैमरे और लगाने का प्रस्ताव भेजा गया। उसकी भी अनुमति देने का आश्वासन आ गया था।
-अब यह योजना फाइलों में दफन होकर रह गई है।
हर दिन का परिवहन
-बिलौआ से 1500, बिजौली से 400 ट्रक गिट्टी के निकलते हैं।
-सिंध नदी से हर दिन करीब 500 डंपर और 300 ट्रॉली रेत शहर में आ रहा है।
-घाटीगांव के चैत, मछंड आदि जगहों से नकली रेत के 50 से 70 डंपर शहर में आ रहे हैं।
यह था सुरक्षा का प्लान
-सीसीटीवी कैमरों के जरिए ओवरलोड चेकिंग आसान हो सकती थी।
-सुरक्षा के लिए सैनिक कल्याण बोर्ड से सेवानिवृत सैनिकों को नियुक्तकिया जाना था।
-सैनिकों को नियुक्तकिए जाने के पीछे मंशा यह थी कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता था।
एक नजर में जिले की स्थिति
-अवैध उत्खनन के 38 प्रकरण में से 6 में 664500 रुपए जुर्माना हुआ है। 32 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।
-अवैध परिवहन के 587 प्रकरणों में से 560 में से 560 में 17312560 रुपए जुर्माना लगा है। 27 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।
-अवैध भंडारण के 12 प्रकरण में से 4 में 204400 रुपए का जुर्माना लगा है। 8 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।
मरे लगाने का प्रपोजल अभी मेरी जानकारी में नहीं है। इसको लेकर माइनिंग से जानकारी ली जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।"

कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

prashant sharma Desk
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