सालभर में सीमेंट 30 रुपए, सरिया 45 फीसदी महंगा

जनवरी 2020 से दिसंबर के बीच एक साल में सीमेंट के दामों में 30 रुपए बैग और सरिया के दामों में 40 से 45 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है। सरिया के दामों में तो बेतहाशा बढ़ोतरी...

ग्वालियर. जनवरी 2020 से दिसंबर के बीच एक साल में सीमेंट के दामों में 30 रुपए बैग और सरिया के दामों में 40 से 45 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है। सरिया के दामों में तो बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते आमजन को जहां मकान बनाना मुश्किल हो गया है वहीं रियल एस्टेट के अफोर्डेबल हाउसिंग पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। कारोबारियों की मानें तो दाम बढऩे से इनकी बिक्री भी घट गयी है।


ये हुए दाम
साल की शुरूआत में 50 किलो का सीमेंट का बैग 290 से 300 रुपए का था, जो अब 330 रुपए तक बिक रहा है। सीमेंट कारोबारी विजय जाजू और नारायण पेमदे ने बताया कि एक ओर दाम बढ़ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर इन दिनों सीमेंट की बिक्री कुछ खास नहीं है। इसी तरह से सरिया के दाम तो नई ऊंचाइयों पर जा पहुंचे हैं। जनवरी माह के बाद लॉकडाउन खुलने के समय तक जो सरिया 37 हजार रुपए प्रति टन था, उसके दाम अब 55 हजार रुपए प्रति टन को पार कर चुके हैं।


इसलिए महंगा हो रहा सरिया
- कोरोना संक्रमण के फैलाव के बाद कच्चे माल के आयात में हो रही परेशानी इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है।
- पहले कई देशों से स्क्रैप आता था, अब जहाजों से छह माह में आ पा रहा है।
- परिवहन की लागत भी 10 गुना तक बढ़ चुकी है।
- चीन विरोधी नीति के बाद वहां से लोह अयस्कों का निर्यात रूका है।


पता नहीं क्यों बढ़ रहे दाम
सरिया के दाम काफी बढ़ चुके हैं। 55 हजार रुपए प्रति टन अभी तक के सबसे अधिक दाम हैं। पता नहीं इसके दाम इतने क्यों बढ़ रहे हैं, जबकि इन दिनों जरूरत वाले लोग ही इसकी खरीदी कर रहे हैं।
विनोद बिजपुरिया, सरिया कारोबारी

रिज़वान खान Desk
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