ट्रेनों की स्पीड पर चेन पुलिंग बड़ी समस्या

ट्रेनों की स्पीड पर चेन पुलिंग बड़ी समस्या
ट्रेनों की स्पीड पर चेन पुलिंग बड़ी समस्या

Rajesh Shrivastava | Updated: 28 Aug 2019, 06:29:04 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

जनवरी से जुलाई माह तक सात महीने में ही 819 बार चेन पुलिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। एक बार चेन पुलिंग होने से ट्रेन का पूरा सिस्टम ही बिगड़ जाता है और उसमें यात्रा कर रहे यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्वालियर. ट्रेनों में चेन पुलिंग की घटनाएं पिछले कई वर्षों से बढ़ती ही जा रही हैं। इसके चलते ट्रेनों की स्पीड पर भी असर पड़ रहा है। ग्वालियर स्टेशन के आसपास अक्सर चेन पुलिंग की घटनाएं रात के समय ज्यादा देखने को मिल रही हैं। इस वर्ष जनवरी से जुलाई माह तक सात महीने में ही 819 बार चेन पुलिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। एक बार चेन पुलिंग होने से ट्रेन का पूरा सिस्टम ही बिगड़ जाता है और उसमें यात्रा कर रहे यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आरपीएफ के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो लगभग हर दिन में 3 से 4 बार चेन पुलिंग होती है। चेन पुलिंग करने वालों में लंबी रूट की ट्रेनों के साथ ग्वालियर और आसपास जाने वाले यात्रियों की संख्या अघिक होती है। लंबी रूट की ट्रेनों में यात्री बैठ जाते हैं, लेकिन जब मालूम पड़ता है कि यह ट्रेन ग्वालियर में रूकेगी ही नहीं तो यात्री चेन पुलिंग कर देते हैं। वहीं डेली अपडाउन करने वाले यात्री भी अपने लोगों का इंतजार करने के लिए चेन पुलिंग कर देते हैं। ऐसे में कई यात्री कई तरह के बहाने बनाने से भी नहीं चूकते हैं।
एलएचबी कोच में लगता है ज्यादा समय : अगर यात्री चेन पुलिंग कर देता है तो एलएचबी कोच में इसे ठीक करने में लगभग पाचं मिनट का समय लग जाता है। इसका कारण यह है कि इन कोचों में चाबी का सिस्टम होता है। जिसकी चाबी गार्ड या अन्य अधिकारियों पर ही रहती है। वहीं अन्य पुराने कोचों में जब चेन पुलिंग होती है तो इसे आरपीएफ के साथ अन्य कोई भी जोड़ सकता है। इस कार्य में लगभग दो मिनट लगते हैं। इसके बावजूद भी कई बार यात्रियों को चेन पुलिंग के बाद समझाया गया तो कई बार यात्रियों ने ऐसे बहाने बनाए जो अचरज में डालने वाले आए हैं। कई बार तो यात्री अपने परिजनों को खाना देने के लिए ट्रेन की चेन पुलिंग करवा देते हैं। वहीं कई बार महिला यात्री भी चेन पुलिंग में पकड़ी जाती हैं तो बहाना बनाती हैं कि चेन पुलिंग हमने नहीं किसी और ने की थी। कुल मिलाकर चेन पुलिंग दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं।
बड़ी चुनौती है
-ग्वालियर स्टेशन के आसपास चेन पुलिंग काफी बड़ी चुनौती है। इसके लिए यात्रियों को समय- समय पर हम जागरूक अभियान चलाकर जागरुक करते है। हमारी प्लानिंग रहती है कि यात्री चेन पुलिंग नहीं करे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है और चेन पुलिंग की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है।
आनंद पांडेय, टीआई आरपीएफ

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