माथे पर राख से क्रॉस बनाकर 40 दिन उपवास करेगा मसीही समाज

- 26 फरवरी राख बुधवार से शुरू होंगे व्रत
- 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे तक चलेंगे उपवास, दु:ख भोग के रूप में मनाएंगे ये 40 दिन

ग्वालियर. ईसाई समाज के 40 दिवसीय उपवास 26 फरवरी राख बुधवार से शुरू होने जा रहे हैं। यह उपवास 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे तक चलेंगे। पहले दिन सभी लोग खजूर की डालियों की पवित्र राख माथे पर अंकित कर उपवास शुरू करेंगे। ईसाई समाज के लोग इन दिनों को दु:ख भोग के रूप में मनाते हुए प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए गए बलिदान को याद कर प्रार्थना और उपवास रखकर सेवा कार्यों में लीन रहते हैं। गुड फ्राइडे के बाद प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का पर्व ईस्टर मनाया जाएगा। शहर के सभी कैथोलिक और प्रोटेस्टेड चर्चों में इसके चलते प्रार्थना सभाएं होंगी।
आज होगा मिस्सा बलिदान
मुरार स्थित सेंट पॉल चर्च के प्रवक्ता एबिल एक्सट्रोस ने बताया कि राख बुधवार पर सुबह 6 बजे एवं शाम 6 बजे चर्च में विशेष प्रार्थना के साथ फादर एन.जॉन जेवियर एवं फादर अलफोंस मिस्सा बलिदान अर्पित करेंगे। इस मौके पर पुरोहित सभी खीस्तीयों के माथे पर राख से क्रूस का चिन्ह बनाते हुए कहेंगे कि तुम मिट्टी हो, मिट्टी में मिल जाओगे। अर्थात मानव शरीर नश्व है, जिसे एक दिन मिट्टी में मिलना है। बुधवार से 40 दिन के उपवाास और परहेज का समय प्रारंभ होगा। इस उपवास का धर्म में बहुत महत्व है। इन विशेष दिनों में समाज का हर व्यक्ति एक समय भोजन करके सात्विक आचरण करता है। इस दौरान शुक्रवार की शाम सभी चर्च में क्रूस का रास्ता के साथ विशेष प्रार्थना सभाएं होंगी। उन्होंने आगे बताया कि दु:ख भोग के इन दिनों में समुदाय के लोग परोपकार व सेवा कार्य करेंगे। इस दौरान सभी को पीडि़त मानवता की सेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रभु यीशु ने हमें त्याग और सेवा का संदेश दिया है।

Narendra Kuiya Reporting
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