VIDEO : CMHO ऑफिस का लेखापाल पांच हजार की रिश्वत लेते दबोचा,पकडऩे से पहले किया बड़ा खुलासा

लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने की कार्यवाही,फरियादी से जीपीएफ और बीमा की राशि निकालने के बदले में मांग रहा था रिश्वत

By: monu sahu

Updated: 13 Mar 2018, 05:10 PM IST

ग्वालियर/श्योपुर। लोकायुक्त पुलिस द्वारा मंगलवार को सीएमएचओ दफ्तर के लेखापाल को 5000 रुपए की रिश्वत लेते दबोचा है। लेखापाल रामकुमार त्रिवेदी द्वारा जीपीएफ और बीमा की राशि निकालने के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर के नेतृत्व में लोकायुक्त पुलिस ने सुबह कार्यवाही करते हुए आरोपी लेखपाल को आवेदक से पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंबे हाथ पकड़ लिया। मामले के अनुसार योगेन्द्र सिंह वघेल की मां फूलन देवी एएनएम के पद पर श्योपुर में पदस्थ थी। बताया गया है कि 31 अगस्त को वह सेवानिवृत्त हो गईं।

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सेवानिवृत्ति बाद उसके द्वारा जीपीएफ और बीमा राशि के लिए सीएमएचओ दफ्तर में आवेदन किया गया, लेकिन बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी उसे राशि का भुगतान नहीं किया गया। आवेदक योगेन्द्र की माने तो लेखापाल ने पैसे निकालने के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी और सौदा 17 हजार रुपए की रिश्वत लेकर जीपीएफ राशि निकालने का तय हो गया।

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5 मार्च को आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस को कर दी। लोकायुक्त पुलिस ने परीक्षण में रिकॉर्डिंग बतौर साक्ष्य हाथ आने के बाद मंगलवार सुबह दफ्तर पर छापा मारा और उसे आवेदक से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

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पांच माह से लगा रहा था चक्कर
योगेन्द्र ने बताया है कि वह शिवपुरी में रहता है,वहां से श्योपुर जीपीएफ और बीमा आदि की राशि के लिए चक्कर लगा रहा था। मगर लेखापाल ने उससे बिना पैसे लिए भुगतान करने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद उसे लेन देन की बात करना पड़ी थी।

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लोकायुक्त देखकर पसीने से तरबतर हो गया लेखापाल
पांच हजार रुपए की रिश्वत मागने वाला लेखापाल रामकुमार तब पसीने से तर बतर हो गया। जबकि आवेदक के द्वारा रुपए दिए जाने के कुछ देर बाद ही दफ्तर में टीम आ गई और उसने लोकायुक्त टीम कहते हुए पाउडर लगे नोटों को तब्त करना शुरू कर दिया। लोकायुक्त टीम में डीएसपी प्रद्युम्न तोमर के साथ ही राजीव गुप्ता निरीक्षक, पीके चतुर्वेदी निरीक्षक, सुरेश सिंह कुशवाह उप निरीक्षक, अंकेश शर्मा, जसवंत शर्मा, सुरेन्द्र सैमिल, बलवीर सिंह, विशंभर सिंह आरक्षकऔर सुनील टाइपिस्ट शामिल हैं।

 

"लेखापाल को आवेदक से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। 5 मार्च को मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के पास पहुंची, जिसके बाद शिकायत सत्यता का सत्यापन किया और इसके बाद आज टीम ने छापा मारते हुए इन्हें पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।"
प्रधुम्न पाराशर,डीएसपी लोकायुक्त टीम

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