भ्रूण परीक्षण का मामला: प्रशासन और डॉक्टरों की हुई मीटिंग, स्टिंग करने वाली दीपशिखा बनी घाटीगांव एसडीएम

बिना होमवर्क स्टिंग के मामले में फंसा प्रशासन, सुलझाने के लिए हुई पांच घंटे मशक्कत

By: Gaurav Sen

Published: 01 Jul 2019, 01:11 PM IST

ग्वालियर। जीआरएमसी की एसोसिएट प्रोफेसर और केआरएच में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के तौर पर पदस्थ डॉ. प्रतिभा गर्ग का अबॉर्शन के मामले मे डिप्टी कलेक्टर द्वारा स्टिंग किए जाने के बाद हड़ताल पर गए डॉक्टरों ने रविवार को भी जमकर नारेबाजी की। शनिवार को जहां डिप्टी कलेक्टर ने डॉक्टर गर्ग को यूनिवर्सिटी थाने में बैठाए रखा था, वहीं रविवार को बदले में हड़ताली डॉक्टरों ने पांच घंटे तक कलेक्टर अनुराग चौधरी, जिपं सीईओ शिवम वर्मा, एडीएम संदीप केरकेट्टा, एएसपी पंकज पांडेय सहित एसडीएम अनिल बनवारिया और सीबी प्रसाद को बैठाए रखा।

इस दौरान तीन बार कलेक्टर के साथ और दो बार विधायक के साथ डॉक्टरों की बैठक का दौर चला, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। शाम के समय डिप्टी कलेक्टर के स्थानांतर और जांच का आश्वासन मिलने के बाद आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस मामले में एडीएम सहित आईएमए के दो पदाधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर जांच करने की बात भी कही गई है। इसके अलावा 2 जुलाई को कलेक्ट्रेट में डॉक्टरों की समस्या को लेकर बैठक होगी।

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सबूतों की होती रही मांग

  • पांच घंटे तक जारी रही बैठक के बीच डॉक्टर स्टिंग ऑपरेशन के सबूत की मांग करते रहे।
  • डॉक्टरों का कहना था कि 9 घंटे पूछताछ के बाद भी प्रशासन पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पा रहा है।
  • बाहर नारेबाजी कर रहे डॉक्टरों ने हंगामा करतेे हुए चैलेंज किया कि अगर ऑडियो-वीडियो के रूप में कोई प्रूफ है तो सामने लाया जाए, या कलेक्टर सार्वजनकि माफी मांगें।

डिप्टी कलेक्टर ने एडीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट
सूत्र बताते हैं कि एक तरफ डॉक्टर हड़ताल पर रहे, वहीं दूसरी ओर डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर एडीएम संदीप केरकेट्टा को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में स्टिंग के दौरान आए सभी तथ्यों का हवाला दिया गया है।

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यह था मामला
शनिवार को डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा भगत ने पटेल नगर स्थित डॉ प्रतिभा गर्ग के क्लिनिक पर गर्भपात कराए जाने को लेकर स्टिंग किया था। उन्होंने स्वयं का गर्भपात कराने के बहाने एक नर्स के माध्यम से डॉक्टर से मिली थीं। इसके बाद जब फीस आदि तय हो गई तो पुलिस बुलाकर जीआरएमसी की एसोसियेट प्रोफेसर और केआरएच की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा गर्ग को पुलिस अभिरक्षा में लेकर थाने पहुंचा दिया था। डॉक्टर को थाने पहुंचाने की जानकारी जब अन्य डॉक्टरों को लगी तो वे पहले थाने पहुंचे और फिर कलेक्टे्रट पहुंचकर कलेक्टर से बात की थी।

बात नहीं बनी तो डॉक्टरों के संगठन हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद रात 8.30 बजे डॉ. प्रतिभा गर्ग का बयान लेकर छोड़ दिया गया था। डॉक्टरों ने प्रशासन पर आरोप लगाए थे कि कार्रवाई बिना पुख्ता सबूतों के की गई है। देर रात डॉक्टर जेएएच पहुंचे और मिल्क पार्लर के सामने धरना शुरू कर दिया। रविवार सुबह से दोबारा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की गई। इसके बाद सभी जीआरएमसी पहुंच गए थे।

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धरने के दौरान सुबह के समय क्षेत्रीय विधायक प्रवीण पाठक और ग्वालियर पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल भी पहुंचे थे। इस दौरान विधायक पाठक ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधो से भी बात करके पूरे मामले की जानकारी दी थी। बातचीत के दौरान कुछ डॉक्टरों ने विधायक मुन्नालाल गोयल से कह दिया कि आप किसलिए आए हो, आपने हमारा पक्ष तक नहीं रखा। आईसीयू से बाहर नहीं आईं डॉ. प्रतिभा : शनिवार को 8.30 घंटे थाने में बैठने के बाद बीमार हुईं डॉ. प्रतिभा गर्ग को रविवार को भी आईसीयू से छुट्टी नहीं मिल पाई।


यह है बातचीत का पूरा घटनाक्रम

सुबह 10 बजे : विधायक प्रवीण पाठक धरना स्थल पर पहुंचे।
दोपहर 12 बजे : पाठक चले गए। डॉक्टरों ने कॉलेज जाने की बात शुरू कर दी।
1.00 बजे : सभी डॉक्टर रैली के रूप में मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हुए।
1.05 बजे: यह घोषणा की गई कि दस डॉक्टरों का दल कलेक्टर से बात करेगा।
1.06 बजे : यह घोषणा की गई कि मेडिकल कॉलेज कैंपस में ही सब इक_े होंगे, ताकि प्रशासन पर दबाव बना सकें।
1.07 बजे : कलेक्टर अनुराग चौधरी, जिपं सीईओ शिवम वर्मा, एडीएम संदीप केरकेट्टा जीआरएमसी पहुंचे।
1.14 बजे : कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
1.20 बजे : डॉक्टरों के दल और कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों की बीच बैठक शुरू हो गई।
1. 20 बजे: मीडिया को बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया गया।
1.45 बजे : डीन सभागार में 25 डॉक्टर पहुंच चुके थे।
2.36 बजे : कॉलेज की बिजली गुल, गेट खुलते ही डॉक्टरों की नारेबाजी शुरू।
2.41 बजे : बिजली आई और बाहर खड़े डॉक्टर बैठक लंबी खींचने का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लगे।
2.43 बजे : महिला डॉक्टर हॉल में अंदर प्रवेश कर गईं।
3.08 बजे : डॉक्टरों ने डिप्टी कलेक्टर के साथ कलेक्टर के भी निलंबन और सार्वजनिक माफी की मांग उठाना शुरू कर दी।
3.12 बजे : विधायक प्रवीण पाठक के साथ अलग से बैठक करने की बात डॉक्टरों ने की और लैक्चर हॉल में चले गए।
3.25 बजे : जेएएच अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा और डॉ. अक्षय पाठक के बीच हॉट टॉक हो गई, डॉ. मिश्रा ने सीधे तौर पर कहा, या तो आप अपनी चलाओ या फिर हम लोगों को बात करने दो।
3.45 बजे : 2 घंटे से अधिक समय तक बैठक के बेनतीजा रहने पर डॉक्टरों ने फिर से नारेबाजी करना शुरू कर दी।
शाम 5.33 बजे : बैठक का कोई निष्कर्ष न निकलने पर बाहर खड़े मेडिकल टीचर्स सोमवार को सुबह 11 बजे फिर से बैठक करने की बात कहकर जाने लगे।
5.40 बजे : डॉ प्रतिभा गर्ग के पति बैठक से बाहर आए और तीन बिंदु पर सहमति बनने की बात कही, लेकिन इससे बहुत से डॉक्टरों ने असहमति जताई।
5.55 बजे : कलेक्टर ने बाहर आकर बताया कि स्ट्राइक समाप्त हो गई है,समस्या समाधान के प्रयास सामंजस्य से होंगे।
शाम 5.56 बजे : आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीरज शर्मा ने बताया कि कार्रवाई का खंडन और डिप्टी कलेक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है।

 

 

 

 

 

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जीत गए डॉक्टर
जो आरोप डॉ. प्रतिभा गर्ग पर लगाया जा रहा था, उसका खंडन कलेक्टर ने किया है। जिस अफसर ने इस स्टिंग को किया उनका ट्रांसफ र करके जांच की जाएगी। इस फैसले से डॉक्टर्स की सभी संस्थाएं सहमत हैं, यह आईएमए की जीत है, इसलिए हड़ताल भी खत्म कर दी गई है।
डॉ नीरज शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष-आईएमए

शहर के डॉक्टर सबसे अच्छे
आने वाले समय में हम सामंजस्य के साथ काम करेंगे, स्ट्राइक समाप्त हो गई है, ग्वालियर के डॉक्टर देश में सबसे अच्छे हैं। भविष्य के लिए हम एक मैकेनिज्म बनाएंगे, जिससे काम बेहतर हो। इस मामले में जो प्रशासनिक तौर पर हमें जो करना होगा, वह हम करेंगे।
अनुराग चौधरी, कलेक्टर (डिप्टी कलेक्टर पर कार्रवाई को लेकर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा)

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