कॉमर्स स्ट्रीम के स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित, टॉप यूनिवर्सिटीज का कटऑफ भी रह सकता है कम

12वीं के स्टूडेंट्स को किया जाएगा प्रमोट

By: Mahesh Gupta

Updated: 29 Jun 2020, 10:58 PM IST

ग्वालियर.

सीबीएसई ने कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से 10वीं और 12वीं के बचे हुए पेपर रद्द करने का फैसला किया है। 1 से 15 जुलाई के बीच 29 सब्जेक्ट्स के पेपर होने थे। अब 12वीं के स्टूडेंट्स को उनके पिछले तीन पेपर के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। यदि बच्चे को ऑब्जेक्शन है, तो उसे इम्प्रूवमेंट का राइट होगा। 15 जुलाई के बाद वह सीबीएसई द्वारा घोषित की गई डेट पर एग्जाम दे सकेगा। एक्सपट्र्स के अनुसार इस बार टॉप यूनिवर्सिटीज का कटऑफ भी कम रहेगा। उन्हें कोरोना की स्थितियों के हिसाब से ही एडमिशन प्रोसेस करनी होगी। अब स्टूडेंट्स को कॉम्पीटिशन एग्जाम पर फ ोकस करना चाहिए। नीट और जेईई पर इसका कोई फ र्क नहीं पड़ेगा।
एग्जाम देने का मिलेगा मौका
सहोदय कॉम्प्लेक्स के संरक्षक विनय झलानी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के हिसाब से ये अच्छा निर्णय है। कई राज्यों में कोरोना के कारण हालत बहुत खराब हैं। ऐसे में इसे राज्यों या शहरों के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। स्टूडेंट्स को पिछले पेपर के हिसाब से माक्र्स मिलेंगे। 10वीं के स्टूडेंट्स पर तो इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। 12वीं के स्टूडेंट्स थोड़ा जरूर प्रभावित होंगे। हालांकि यदि कोई स्टूडेंट हालात सुधरने पर एग्जाम देना चाहे तो वह एग्जाम भी दे सकेगा।
12वीं में ओवरऑल प्रोफाइल बनाने का मौका
सहोदय की अध्यक्ष राजेश्वरी सावंत ने बताया कि 12वीं का एग्जाम स्टूडेंट की ओवरऑल प्रोफ ाइल बनाने का मौका होता है। हर कॉमर्स स्टूडेंट का सपना दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का होता है। इस निर्णय का कॉमर्स वालों पर ज्यादा असर पड़ेगा। यदि उनके पिछले पेपर अच्छे नहीं हुए, तो वे काफी पीछे रह जाएंगे। हालांकि पिछले तीन माह से स्टूडेंट्स लगातार एग्जाम की तैयारी कर रहे थे। एग्जाम होने से हो सकता है वे बेहतर स्कोर कर पाते। लेकिन बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय सही है।
स्कोरिंग हो सकता था पेपर
मेरा सिर्फ बिजनेस का ही पेपर बचा था। जनरल प्रमोशन होने से मेरे कॅरियर प्लान पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं होगा। हां, ये जरूर है कि जिस सब्जेक्ट का पेपर बचा हुआ है वही स्कोरिंग हो सकता था। इससे फ ाइनल स्कोर पर विपरीत असर पड़ेगा। बेस्ट ऑफ. 4 के आधार पर मार्र्किंग होना चाहिए। निर्णय होने से हमें कॉलेज या कॉम्पीटेटिव एग्जाम की तैयारी करने का समय मिलेगा।
आशीष तिवारी, स्टूडेंट

Mahesh Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned