कमिश्नर पहुंचे केआरएच, पुराने गद्दे और गंदगी देख हुए नाराज, प्रस्ताव बनाने के निर्देश

मरीज को समुचित इलाज मिले, अटेंडरों को सुविधा हो, बगीचा भी सुंदर बनाएं
जेएएच के विभागाध्यक्षों से पूछी समस्याएं

By:

Published: 04 Apr 2019, 01:39 AM IST

ग्वालियर. संभागीय कमिश्नर एवं गजराराजा मेडिकल कॉलेज की स्वशासी समिति के अध्यक्ष महेश चन्द्र चौधरीजयारोग्य अस्पताल परिसर पहुंचे, वहां केआरएच का निरीक्षण किया तो उनको पुराने गद्दे और गंदगी के प्रति नाराजगी जाहिर की और कहा कि एक प्रस्ताव बनाओ, जिसको शासन से स्वीकृति दिलाएंगे, जिससे नए पलंग, गद्दे और चादर आएं। डॉक्टर एक बात का ध्यान रखें कि मरीजों को इलाज मिलने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अटेण्डरों के बैठने के लिए केआरएच के बगीचे को और सुन्दर बनाएं, सफाई करने वाली कंपनी यदि काम न करे तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लें। यह बात उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डीन व जेएएच के अधीक्षक डा. अशोक मिश्रा से कही।

केआरएच में उनको एक-दो जगह भवन भी ठीक-ठाक स्थिति में नहीं मिला। केआरएच में कुछ जूनियर डॉक्टरों से डिलेवरी के बारे में पूछा कि एक दिन में कितनी डिलेवरी हो जाती हैं, इस पर जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि डिलेवरी रूम में पांच टेबिल हैं, एक साथ पांच डिलेवरी की जा सकती हैं। इसके अलावा जेएएच के संबंध में भी उन्होंने अलग-अलग जानकारी ली।
जेएएच के विभागाध्यक्षों की ली बैठक : जेएएच और केआरएच का निरीक्षण से पूर्व संभागीय कमिश्नर चौधरी मेडिकल कॉलेज पहुंचे वहां उन्होंने जेएएच के विभागाध्यक्षों की बैठक ली, उसमें उनसे विभागावार जानकारी ली और समस्याएं जानीं। उन समस्याओं को सुनने के बाद उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण हो जाए, वे करें जिनका निराकरण शासन स्तर पर होना है उसका प्रस्ताव बनवाकर भेजें। उन्होंने कहा कि हमको ध्यान रखना होगा कि वही मरीज सरकारी अस्पताल में आता है जिसके पास पैसा नहीं होता है। यहां आने वाले मरीज को ऐसी सेवाएं दें, जिससे वह ठीक होकर जल्द अपने घर जाए। जांच के नाम पर मरीजों को परेशान न किया जाए और संभव हो तो जेएएच में ही उसकी जांच कराई जाए। डीन व अधीक्षक से कहा कि वे समय-समय पर जेएएच का निरीक्षण करते रहें यदि कोई डॉक्टर या स्टॉफ ड्यूटी पर नहीं मिलता है तो उन पर एक्शन लें।

 

कैंसर पीडि़ता महिला के बारे में ली जानकारी

उधर मुरैना की गुड्डी बाई को इलाज बगैर घर वापस करने के मामले की जेएएच के अधीक्षक डा. अशोक मिश्रा से जानकारी ली और कहा कि किसी गंभीर मरीज को बगैर इलाज के वापस न किया जाए, ऐसा कोई डॉक्टर करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned