संविदा कर्मी को स्थाई कर बना दिया एसीपी, दूसरे आदेश में निरस्त की नियुक्ति

नगर निगम में सहायक सिटी प्लानर बनने के लिए कई लोग लाइन में लगे हैं। गुरूवार रात को भोपाल से एक आदेश जारी कर अस्थाई कर्मचारी को स्थाई कर उसे सहायक सिटी प्लानर बना दिया गया। जब मामले ने तूल पकड़ा तो भोपाल में बैठे अधिकारियों ने कुछ ही घंटे में दूसरा आदेश जारी कर नियुक्ति को निरस्त कर दी। अब इस मामले की जांच चल रही है कि आखिर किसके कहने पर यह नियुक्ति की गई। जबकि नगर निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित कर्मचारी का नाम सहायक सिटी प्लानर के लिए भेजा ही नहीं गया गया था।

नगर निगम आयुक्त के नाम सुरेश बोलिया संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास ने गुरूवार को संविदा पर नियुक्त शैलेन्द्र सिंह को नियमित करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही शैलेन्द्र सिंह को सहायक नगर निवेशक के पद पर भी नियुक्त करने के आदेश दिए। आदेश के पालन के लिए ७ दिन का समय दिया गया।

लेकिन जब इसकी भनक आयुक्त नगरीय प्रशासन पी नरहरि को लगी तो उन्होंने इसे निरस्त करने के लिए कहा। जिसके बाद फिर से सुरेश बोलिया ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा कि गलती से यह आदेश जारी हो गया था और शैलेन्द्र सिंह का नियमितीकरण को जो आदेश है उसे निरस्त किया जाता है। इसके साथ ही सहायक नगर निवेशक बनाए जाने की कार्रवाई भी न की जाए।


यह है नियम
सहायक नगर निवेशक बनाने का आदेश भोपाल से जारी होता है लेकिन इसके लिए नगर निगम आयुक्त द्वारा नाम भेजे जाते हैं। इसके बाद ही अनुमोदन के बाद पद पर नियुक्ति की जाती है।

यहां से शैलेन्द्र सिंह का नाम सहायक नगर निवेशक के पद के लिए नहीं भेजा गया था। इस मामले में जांच भी चल रही है।
राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त नगर निगम

Vikash Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned