कोरोना वायरस: अस्पतालों में अलर्ट, अभी तक शहर में कोई वायरस पीडि़त नहीं

corona virus affect patient not found in gwalior : चीन से आए बच्चे को आइसोलेशन में रखा, इटली से आई महिला की जांच, खांसी-जुकाम के मरीजों का ले रहे सैंपल

By: Gaurav Sen

Published: 07 Mar 2020, 11:59 AM IST

ग्वालियर. कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और अस्पतालों में खांसी, जुकाम के मरीजों को भी संदिग्ध के दायरे में रखकर सैंपल लिए जा रहे हैं। अब तक शहर में कोई भी वायरस से पीडि़त नहीं मिला है।

मुरार में चीन से आए परिवार में डेढ़ साल के बच्चे को खांसी-जुकाम होने पर उसे घर में आइसोलेट करके रखा गया है। डॉक्टरों ने उसकी जांच के बाद कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है। वहीं गुरुवार को इटली से शॉर्ट विजिट पर ग्वालियर आई एक महिला का डॉक्टरों ने होटल में जाकर चैकअप किया। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए पांच टीम तैयार की हैं।

खास तौर पर विदेश से आने वालों पर फोकस किया जा रहा है, इसलिए एयरपोर्ट के साथ रेलवे स्टेशन पर भी टीम तैनात की गई है। हालांकि पिछले तीन दिन में शहर में वायरस को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है। इसके कारण मेडिकल स्टोर्स पर फेस मास्क, सेनेटाइजर को खरीदने वालों की भीड़ है। ग्राहक बढऩे से इनकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। घटिया क्वालिटी के मास्क को दुकानदार पांच गुना तक महंगा बेच रहे हैं।

रखी जा रही है नजर

जेएएच में गंदगी देख नहीं कराया भर्ती
चीन से आए परिवार में डेढ़ साल के बच्चे को खांसी, जुकाम होने पर होम आइसोलेशन में रखा गया है। मुरार क्षेत्र का यह परिवार दो दिन पहले चीन से लौटा है। बच्चे को शुक्रवार को परिजन उसे चैकअप के लाए तो चिकित्सकों ने बच्चे को संदिग्ध माना है। परिजन बच्चे जेएएच में ले गए, लेकिन वहां सफाई के इंतजाम उन्हें ठीक नहीं मिले तो बच्चे को वहां भर्ती कराने से साफ मना कर दिया।

विजिट पर इटली से आई महिला
गुरुवार को शहर में आई इटली के रहने वाली महिला रात को वापस लौट गईं। उनके शहर में आने का पता चलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने होटल में जाकर उनका चैकअप किया था। कोरोना का प्रभाव इटली में तेजी बढ़ रहा है, इसलिए उनकी शहर में मौजूदगी पर नजर रखी गई। वह शॉर्ट विजिट पर आई थीं और गुरुवार रात को वापस लौट गईं।

मास्क कीमतों में वृद्धि क्यों नहीं रोकी

  • तीन दिन में शहर में मास्क की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। इसी तरह सेनेटाइजर को भी प्रिंट रेट से अधिक पर बेचा जा रहा है।

उपस्थिति थंब इंप्रेशन से बंद

  • संक्रमण से बचने लोग सतर्क हैं। हाथ मिलाना पहले ही बंद था, अब कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति थंब से लेना बंद हो गया है।
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एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग, टे्रन से आने वालों की भी जांच
शहर में कितने विदेशी आ रहे हैं, उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को मिल रही है। उसके आधार पर एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही एंट्री दी जा रही है। स्टेशन पर भी जांच की जा रही है।

कार्यशाला: मरीज से एक मीटर की दूरी रखें
कोरोना वायरस की रोकथाम कैसे की जाए और मीजल्स रूबेला के उन्मूलन के लिए शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में सेमिनार हुआ। इसमें मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ.सरोज कोठारी ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने सफाई के अलावा लोगों सचेत रहना होगा। क्योंकि एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। कोरोना का यदि कोई मरीज सामने आता है तो उससे कम से कम एक मीटर की दूरी बनाएं।

गले मिलने से बचें : होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. राजेश गुप्ता ने छात्रों को बताया कि यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें। हाथ मिलाने और गले मिलने से भी फिलहाल परहेज करें।

मांसाहारी खाने पर पाबंदी : कोरोना वायरस के कारण एलएनआइपीई मैस में मांसाहारी खाने पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी गई है।

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एलएनआइपीई की जागरुकता अपील , इस बार मनाएं नमस्ते होली
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने शुक्रवार को अध्यापकों औरव छात्रों को इससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी और इस बार गीली या सूखी होली के बजाए नमस्ते होली खेलने के लिए कहा। रविंद्रनाथ टैगोर ऑडिटोरियम में चिकित्सक डॉ. राजेश गुप्ता और डॉ. सपना गुप्ता ने कोरोना रोधी दवा की खुराक भी दी।

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गले मिलने से बचें
होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. राजेश गुप्ता ने छात्रों को बताया कि यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें। हाथ मिलाने और गले मिलने से भी फिलहाल परहेज करें।

मांसाहारी खाने पर पाबंदी : कोरोना वायरस के कारण एलएनआइपीई मैस में मांसाहारी खाने पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी गई है।

बीएसएफ टेकनपुर के हॉस्पिटल के स्टाफ को दिए प्रशिक्षण में सिविल सर्जन डीके शर्मा ने बताया कि ज्यादा भीड़ वाली जगह में न जाएं, इसका ध्यान रखना चाहिए। अस्पताल में मरीज सर्दी जुकाम का आता है तो उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएं। स्क्रीनिंग से रोग के लक्षणों के बारे में पता चलता है। प्रशिक्षण में डॉ.एनएस राणा ने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ से सवालों का जवाब दिया।

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