जिले में आज फिर मिले 30 कोरोना पॉजिटिव, मरीज बोले हमें नहीं पाता कैसे हो गए संक्रमित

ग्वालियर चंबल संभाग में हर दिन बड़ी संख्या में मिल रहे हैं कोरोना पॉजिटिव

By: monu sahu

Published: 04 Jul 2020, 12:46 AM IST

ग्वालियर. कोरोना अब लोगों में एक दूसरे से फैल रहा है शुक्रवार को संक्रमितों की गिनती में 30 मरीजों का इजाफा और हो गया। वायरस की घुसपैठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी सामने आई है। यहां सीसीटीवी कंट्रोल रूम में पदस्थ आरक्षक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। अब सीसीटीवी रूम में पदस्थ कर्मचारी भी संक्रमण के खतरे में आ गए हैं। इसके अलावा शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमितों में रोज कमाने खाने वालों की गिनती ज्यादा है। इन मरीजों का कहना है कि न तो वह बाहर गए हैं न उनके पास दूसरे शहर से लोग आए हैं आसपास के बाजारों में आना जाना रहा है कैसे कोरोना ने जकड़ लिया उन्हें खुद नहीं पता।

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मामूली बुखार और हाथ पैर में दर्द हुआ था शंका पर जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उधर कोरोना पीडि़तों के साथ प्रशासन का भेदभाव भी सामने आया हैं कुछ दिन पहले आइपीएस अधिकारी और उनकी सास के कोरोना पॉजिटिव होने पर घर पर आइसोलेशन की सुविधा मुहैया कराई गई थी, जबकि शुक्रवार को आठ साल के बच्चे को कोरोना पॉजिटिव आने पर उसके परिवार ने घर पर ही आइसोलेट करने की गुजारिश की तो इंसीडेंट कमांडर और प्रशासन के अधिकारियों ने साफ मना कर दिया, जबकि बच्चे का परिवार घर पर इलाज की सारी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राजी था। इसके अलावा कुछ मरीजों को ऐसे अस्पताल में शिफ्ट किया गाय है, जहंा पीने के पानी के लिए एक ही वाटर कूलर है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अस्पताल में ही नहीं हो रहा है। इन हालातों में संक्रमण कैसे ठीक होगा भर्ती किए गए मरीजों की चिंता बढ़ गई है।

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शुक्रवार को शहर में कोरोना का विस्फोट हुआ है। जेएएच से जारी रिपोर्ट में 28 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए है, जबकि दो लोग ट्रूनेट की जांच में पॉजिटिव आए हैं। इनमें आठ साल के मासूम बच्चे लेकर उसकी बुजुर्ग दादी तक शामिल हैं। ज्यादातर मरीजों का कहना है कि वह कैसे संक्रमित हो गए उन्हें खुद नहीं पता। कई मरीजों की दलील है कि उन्हें बुखार, खांसी, जुकाम कुछ नहीं है जांच कराई थी उसमें पॉजिटिव आ गए। कोरोना पॉजिटिव मरीजों में शामिल पंजाब नेशनल बैक की बामौर शाखा के कैशियर ने बताया कि कुछ दिनों से छुट्टी पर थे। घर से बाहर आना जाना भी नहीं रहा है। शहर के बाहर जाने का तो सवाल ही नहीं होता। दो तीन दिन से हाथ पैरों में दर्द हो रहा था। जांच कराई तो कोरोना पॉजिटिव आ गए। रात को इंसीडेंट कमांडर का फोन आया कि तैयार हो जाओ अस्पताल में भर्ती कराना है। कोरोना कैसे हो गया खुद नहीं समझ पा रहे हैं। न्यू कलेक्ट्रेट के पास रहने वाले प्राइवेट कंपनी के मार्केटिंग कर्मचारी का कहना था कि उनका जॉब फील्ड का है। सुबह से शाम तक कई जगहों पर आना जाना पड़ता है। ऐसे में पता नहीं किस कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आ गए।

हालांकि उन्हें बुखार, खांसी जुकाम कुछ नहीं है। फिर भी जांच कराई थी तो पता चला कि कोरोना संक्रमित हैं। दौलतगंज में कबाड़ा कारोबारी का कहना था कि उनके परिवार में कोई भी शहर के बाहर नहीं गया। बाहर से कोई घर या मोहल्ले तक में नहीं आया। कबाड़े का धंधा है तो दुकान पर ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है। उनमें कौन कोरोना संक्रमित रहा है यह नहीं पता। उसके ही संपर्क मेंं आने से उन्हें भी कोरोना हो गया। इन मरीजों की बातों से जाहिर है कि कोरोना अब कम्यूनिटी स्प्रेड की हालत में है और तेजी से फैल रहा है।

पति बेटे के बाद पत्नी भी पॉजिटिव
रचना नगर निवासी इंवेट मैनेजर का पूरा परिवार कोरोना संक्रमित निकला है। दो दिन पहले इंवेट मैनेजर और उनका बेटे की कोरोना जांच पॉजिटिव आई थी। उसके बाद पत्नी की जांच कराई गई तो शुक्रवार को वह भी पॉजिटिव आई हैं। उनका कहना था कि पति इंवेट के सिलसिले में शहर में कई जगहों पर आए गए है। उनके जरिए ही संक्रमण घर में घुसा है।

शादी में जाने से लगा संक्रमण
रतन नगर निवासी महिला का कहना था कि 29 जून को शहर के बाहर शादी में जाना हुआ था। वहां कुछ लोगों से मुलाकात हुई थी। उनमें एक परिचित कुछ दिन पहले जांच में कोरोना संक्रमित आए थे। उनके ही संपर्क में आने से उन्हें भी संक्रमण लगा है।

ड्यूटी में कोरोना ने जकड़ा
कोरोना की पहुंच पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी हो गई हैं, जबकि एसपी ऑफिस परिसर में आने जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग कर उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। उसके बावजूद सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले सीसीटीवी कंट्रोल में पदस्थ आरक्षक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, जिस कक्ष में आरक्षक की ड्यूटी है वहां आम लोगों की आवाजाही सिर्फ किसी घटना से ताल्लुक होने पर ही होती है। आरक्षक का कहना है कि लॉकडाउन के पहले से उसका शहर के बाहर आना जाना नहीं रहा है। किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में भी नहीं आया हैं। डयूटी के दौरान जरूर फरियादी फुटेज चैक करने के लिए आते हैं आश्ंाका है कि उनमें ही कोई कोराना संक्रमित संपर्क में आया है। आरक्षक के कोरोना पॉजिटिव आने पर पुलिस कंट्रोल परिसर सील होने की स्थिति में आ गया है।

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