कोरोना वायरस: ग्वालियर जिले की हो रही तारीफ, राज्य में सबसे कम मृत्युदर यहीं, केवल 52 एक्टिव केस

ग्वालियर में कोरोना संक्रमित की जांच तेजी से हो रही है।

By: Pawan Tiwari

Updated: 26 Jun 2020, 10:37 AM IST

ग्वालियर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर जिले में कोरोना वायरस के नियंत्रण के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कलेक्टर को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर इस क्षेत्र में अच्छे कार्य का एक उदाहरण बना है। उन्होंने अन्य जिलों में भी निरंतर पूरी ऊर्जा से वायरस नियंत्रण के साथ-साथ टेस्टिंग सुविधा, उपचार, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए। कोरोना के टेस्ट की रिपोर्ट और कम समय में आ जाये, ऐसे प्रयास किये जायें। इससे पॉजीटिव पाये गये रोगी के
शीघ्र और पूर्ण सफल उपचार में आसानी होगी।

ग्वालियर में क्या है स्थिति
24 जून को जारी बुलेटिन के अनुसार, ग्वालियर में कोरोना संक्रमण के 309 मामले हैं। जबकि कोरोना संक्रमण के कारण दो लोगों की मौत हुई है। वहीं, 255 लोग स्वस्थ्य होकर लौट गए हैं। ग्वालियर में अब केवल 52 एक्टिव केस बचे हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में मृत्युदर सबसे कम है।

3 लाख को दी गई विशेष ट्रेनिंग
प्रदेश में करीब 3 लाख लोगों को कोविड-19 के दृष्टिगत जांच, उपचार, क्वांरेंटाइन, सर्वेलांस, संक्रमित क्षेत्र के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षित लोगों में चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि शामिल हैं।कोविड से संबंधित कार्यों की इस ट्रेनिंग में आशा वर्कर्स और वालंटियर्स भी शामिल हैं।

नौ हजार की क्षमता हो गई प्रतिदिन
मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर नियंत्रित किया गया है। इस समय नौ हजार की क्षमता हो गई है। प्रतिदिन बढ़ती जांच क्षमता के कारण पॉजीटिव रोगियों के सामने आने और उन्हें उपचार के बाद स्वस्थ करने के कार्य में आसानी हुई है। इसलिए मध्यप्रदेश रिकवरी रेट में काफी आगे है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने जानकारी दी कि प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों के नए उपकरणों के स्थापित होने से शीघ्र ही 16 हजार से अधिक टेस्टिंग की सुविधा विकसित हो जाएगी।

प्रदेश में किए गए प्रबंध आवश्यकता से काफी अधिक
कोरोना पॉजीटिव रोगियों को कोविड केयर सेंटर में दाखिल करने के लिए प्रदेश में जो उपलब्ध बिस्तर क्षमता है उसका 20 प्रतिशत ही उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 24 हजार 235 जनरल बेड, 8 हजार 924 ऑक्सीजन बेड और एक हजार 105 आई.सी.यू. बेड उपलब्ध हैं। शासकीय और निजी अस्पतालों में प्रदेश में वायरस के प्रसार की आशंका के कारण यह क्षमता विकसित की गई। इसका एक चौथाई से कम ही उपयोग में आ रहा है।

प्रदेश के जिला अस्पतालों में जुलाई माह के अंत तक कुल 956 आई.सी.यू. बेड उपलब्ध रहेंगे। इसी तरह मेडिकल कॉलेज में इनकी संख्या 777 हो जायेगी। जिला और मेडिकल कॉलेज में मिलाकर अगले माह के अंत तक करीब 12 हजार ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे। प्रदेश में तीन माह में मिले करीब 12 हजार पॉजीटिव प्रकरणों में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य भी पूर्ण हो गया है। यह इंदौर और ग्वालियर में 99 और 98 प्रतिशत तथा भोपाल, उज्जैन और बुरहानपुर में 100 प्रतिशत है। प्रदेश में 22 जून की स्थिति में 912 फीवर क्लीनिक कार्य कर रही हैं। इन क्लीनिक्स में आये रोगियों में से 77 प्रतिशत रोगियों को घर में आयसोलेट रहने का परामर्श दिया गया।

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