निगम चुनाव से पहले बदल जाएगा कई लोगों का वार्ड, जानें कैसे

भाजपा पार्षदों का आरोप, निगम अधिकारी गुपचुप तैयार करना चाहते हैं सूची

पार्षदों में बेचैनी, वार्ड का क्षेत्र बदला तो चुनाव में करनी पड़ेगी ज्यादा मेहनत

वार्डों में है जनसंख्या का असंतुलन 22 में कम, 17 में ज्यादा, परिसीमन में यह दूर होगा

ग्वालियर. ग्वालियर नगर निगम चुनाव से पहले वार्डों का परिसीमन होने से कई वार्डों का नक्शा बदल जाएगा। इससे जहां वार्डों में रहने वाले लोग प्रभावित होंगे, वहीं निगम चुनाव लडऩे वाले नेताओं पर भी असर पड़ेगा। परिसीमन में कई वार्डों का क्षेत्रफल बदलेगा और कई की विधानसभा भी परिवर्तित हो सकती है। इससे पार्षदों में बेचैनी है, क्योंकि जिस वार्ड से वे चुनाव जीतकर आए हैं, उसमें परिवर्तन होता है तो उन्हें चुनाव के दौरान नए सिरे से मेहनत करनी पड़ेगी। असल में निगम के कई वार्डों में जनसंख्या को लेकर काफी विसंगति है। कई वार्डों में 9 हजार जनसंख्या है, तो कई में 38 हजार से भी अधिक है। इस विसंगति को दूर करने के लिए कांग्रेस पार्षदों ने परिसीमिन की मांग की थी, जिस पर शासन ने परिसीमन के लिए आदेश जारी किया है। लेकिन नगर निगम अधिकारी इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। वार्डों की संख्या और सीमाओं के निर्धारण के लिए अधिसूचना का प्रकाशन कलेक्टर को 17 अक्टूबर को करना था, लेकिन निगमायुक्त ने अभी तक कलेक्टर को सूची ही नहीं भेजी है। उधर भाजपा पार्षदों का आरोप है कि अधिकारी गुपचुप परिसीमन करना चाहते हैं।
शहर की कुल जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 11,59,032 है, इसके हिसाब से प्रत्येक वार्ड में 15 से 20 हजार आबादी होनी चाहिए, लेकिन 66 वार्डों में 22 ऐसे हैं जिनमें जनसंख्या कम है, और 17 ऐसे हैं जिनमें जनसंख्या अधिक है। हालांकि नियम के तहत 10 से 15 प्रतिशत की कमी या वृद्धि हो सकती है, लेकिन इससे अधिक जनसंख्या नहीं होनी चाहिए।
शासन ने 14 अगस्त को जारी आदेश में परिसीमन का कार्यक्रम जारी किया था। परिसीमन में जिन वार्डों में कम जनसंख्या है उनमें अधिक जनसंख्या वाले वार्डों से जनसंख्या जोड़ी जाएगी। परिसीमन में वार्डों की सीमा, विधानसभा और जनसंख्या में भी बदलाव होगा, लेकिन वार्डों की संख्या परिसीमन में नहीं बदलेगी,वार्ड 66 ही रहेंगे।

पहले बढ़ सकती थी संख्या
नगर निगम में 66 वार्ड हैं, पहले इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती थी। निगम के पिछले चुनाव से पहले 60 वार्ड थे, इसमें ग्रामीण क्षेत्र को जोडकऱ 6 नए वार्ड बनाए गए। हालांकि इस दौरान वार्डों की संख्या 66 से और अधिक बढ़ाई जा सकती थी। यह अधिकतम 85 तक की जा सकती थी। वर्तमान में इंदौर नगर निगम में 85 वार्ड हैं, लेकिन इसके लिए नगरीय सीमा में भी वृद्धि करनी पड़ती।

विधानसभावार वार्डों की संख्या
ग्वालियर पूर्व: 19
ग्वालियर: 20
दक्षिण: 21
इसके अलावा वार्ड ग्रामीण क्षेत्र के हैं
यह हैं कम जनसंख्या वाले वार्ड
वार्ड- जनसंख्या
59-9138
40-9257
42-9669
24-10,511
66-11,095
44-11,229
50-11,232
46-11,486
41-11,751
47-11,940
43-12,319
54-12,512
34-12,520
57-12,546
45-12,962
16-13,329
31-13,386
36-13,561
53-14,297
48-14,519
10-14,625
39-14,715
इन वार्डों में अधिक आबादी

वार्ड-जनसंख्या
23-20,730
56-21,159
28-22,701
04-22,760
55-23,385
21-24,070
29-24,128
60-24,278
65-24,755
37-24,970
19-25,459
52-26,342
38-27,498
64-28,009
20-28,655
18-39,813
कलेक्टर से अनुमति मांगी है
वार्डों के परिसीमन को लेकर सूची प्रशासन के लिए नहीं भेजी है। इसके लिए हमने कलेक्टर को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है, इसके बाद सूची तैयार कर कलेक्टर के पास प्रकाशन के लिए भेज दी जाएगी। फिलहाल इस पर विचार विमर्श चल रहा है।
संदीप माकिन, कमिश्नर नगर निगम
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विसंगति दूर होना चाहिए
परिसीमन का आदेश मध्यप्रदेश शासन ने दिया है, यह होना चाहिए। वर्तमान में वार्डों की जनसंख्या को लेकर बहुत अधिक विसंगति है, यह दूर होना चाहिए।
कृष्णराव दीक्षित, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम कांग्रेस
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वार्डों की जनसंख्या में बहुत असुंतलन है। किसी वार्ड की जनसंख्या 9 हजार है, किसी की 39 हजार। जनसंख्या अधिक होने से विकास कार्य के लिए बजट की कमी हो जाती है। प्रशासन को निर्धारित समय अनुसार परिसीमन की कार्रवाई करनी चाहिए।
चतुर्भुज धनौलिया, उप नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस
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गुपचुप परिसीमन हुआ तो इस्तीफा देंगे


निगम अधिकारी गुपचुप तरीके से परिसीमन करना चाहते हैं, ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो मैं और भाजपा के कुछ और पार्षद सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे।
दिनेश दीक्षित, पार्षद भाजपा

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परिसीमन कार्यक्रम

-सीमा वृद्धि, संकुचन संबंधी प्राथमिक प्रकाशन कलेक्टर द्वारा 14 अगस्त 2019 तक।
-प्रारंभिक प्रकाशन उपरांत प्राप्त दावे आपत्तियों पर प्रतिवेदन राज्य शासन की ओर भेजना 30 अगस्त 2019 तक।

-वार्डों की संख्या का निर्धारण अधिसूचना का प्रकाशन कलेक्टर द्वारा 17 अक्टूबर तक।
-वार्डों की सीमाओं के संबंध में प्राप्त दावे आपत्तियों पर मत सहित प्रतिवेदन।
-अंतिम प्रकाशन के लिए कलेक्टर द्वारा 31 अक्टूबर 2019 को प्रारूप व जानकारी राज्य शासन को प्रेषित करना।

-वार्ड के आरक्षण संबंधी कार्रवाई कलेक्टर द्वारा 30 दिसंबर 2019 तक।
-वार्डों के आरक्षण की जानकारी राज्य शासन को भेजना 10 जनवरी 2020 को।

-वार्ड आरक्षण की अधिसूचना का प्रकाशन 30 जनवरी 2020 को।

-महापौर अध्यक्ष के पदों का आरक्षण 15 जनवरी 2020 तक ।

prashant sharma
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