निगम देगा आखिरी मौका, प्रशासक ने कहा कि रोप-वे एक साल में होगा पूरा

शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किला पर प्रस्तावित रोप वे का टेंडर 12 साल पहले होने के बाद भी अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। कभी तकनीकि समिति तो कभी पुरातत्व विभाग का अड़ंगा रहा।

ग्वालियर. शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किला पर प्रस्तावित रोप वे का टेंडर 12 साल पहले होने के बाद भी अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। कभी तकनीकि समिति तो कभी पुरातत्व विभाग का अड़ंगा रहा। अब जब पुरातत्व विभाग ने रोप-वे को किले की दीवार से दूर बनाने के लिए कहा है। नगर निगम प्रशासक ने कहा है कि कंपनी अगर जल्द कार्य शुरू नहीं करती है तो टेंडर निरस्त कर दूसरी कंपनी को टेंडर दिया जाएगा।

सांसद का सपना
वर्तमान सांसद विवेक नारायण शेजवलकर का रोप-वे बनाने का सपना है। दरअसल यह सपना उनके पिता ने महापौर रहते हुए देखा था इसके बाद उन्होंने इसे पूरा करने के लिए दो बार महापौर रहते हुए इसे बनाने का प्रयास किया लेकिन यह पूरा नहीं हो सका।

कब क्या हुआ
- 25 मई 2006 को एमआइसी ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, 5 जून 2008 को दामोदर रोप-वे के साथ अनुबंध हुआ।
- कंपनी को बोट क्लब के पास फूलबाग स्टेशन से लैंडिंग स्टेशन किला तक निर्माण करना था।
- पुरातत्व विभाग व अन्य विभागों की एनओसी नहीं मिलने के कारण आठ-दस साल निर्माण शुरू नहीं हो सका।
- 9 जुलाई 2015 को फिर से 7 एएसआइ से दो साल में काम करने की एनओसी मिली।
- 2020 पुरातत्व विभाग ने किले की दीवार को खतरा बताते हुए रोपवे की लैंडिंग दीवार के पास के बजाय दूर करने के लिए कहा। बस यहीं मामला फंसा हुआ है।
- कंपनी ने अभी तक रोपवे के कार्य के रूप में फूलबाग स्थित लोअर टर्मिनल बनाया है। इसके अलावा अभी को कोई कार्य नहीं किया।


सांसद ने संभागायुक्त से की चर्चा
रोपवे को लेकर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने विगत दिवस संभागायुक्त एवं प्रशासक एमबी ओझा से चर्चा की और जल्द रोप-वे का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कहा है। फूलबाग बारादरी से सिंधिया स्कूल के पास तक रोप-वे के निर्माण की तैयारी भाजपा शासित नगर निगम ने शुरू की। इसका विरोध कांग्रेस पार्षदों ने किया और ज्योतिरादित्य सिंधिया तक मामला पहुंचा। अंत में सिंधिया स्कूल के बजाय किले पर दूसरा स्थान तय हुआ। इस विवाद के चलते सात-आठ वर्ष तक पुरातत्व विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिल पाई थी।


11.5 करोड़ का प्रोजेक्ट
700 फीट ऊंचे रोप-वे की लागत 11.5 करोड़ रुपए है। लोअर टर्मिनल फूलबाग बारादरी के पास व ऊपरी किले पर सिंधिया स्कूल से कुछ दूरी पर बनेगा। इसके अलावा तीन टॉवर बनेंगे, पहला गांधी उद्यान के पास, दूसरा फूलबाग स्वीमिंग पूल पर और तीसरा गोपांचल पर्वत के ऊपरी हिस्से में बनेगा।


दो बार हुआ भूमिपूजन
10 जनवरी 2010 को रोप वे के लिए भूमि पूजन सीएम शिवराज सिंह चौहान से तत्कालीन महापौर समीक्षा गुप्ता ने करवाया था। इसके बाद 25 नवंबर 2015 को महापौर विवेक शेजवलकर ने फूलबाग लोअर टर्मिनल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।

कंपनी को समझाएंगे
रोप-वे का कार्य 12 साल में पूरा नहीं हो सका। पुरातत्व ने दीवार को लेकर आपत्ति जताई है लेकिन इसके पास में ही 5 बीघा के आसपास जगह मौजूद है, यहां निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर कंपनी को समझा दिया जाएगा अगर वह कार्य नहीं करती तो टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
एमबी ओझा, संभागायुक्त एवं नगर निगम प्रशासक

रिज़वान खान Desk
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