डॉ भल्ला को मिला दो दिन का सहारा

दिन भर चली बहस, सोमवार को फैसला सुनाए जाने तक रहेगा स्थगन

ग्वालियर। सहारा अस्पताल के संचालक डॉ एएस भल्ला को दो दिन की और राहत मिल गई है। व्यवहार न्यायालय में इस मामले में तीन बार बहस हुई। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यथास्थिति के आदेश को सोमवार को फैसला सुनाए जाने तक के लिए स्थिर रखा है।


व्यवहार न्यायाधीश वर्ग एक सुनील अहिरवार को मामले की सुनवाई के दौरान एक दो बार अधिवक्ताओं से कहना पड़ा कि वे शांति से अपना पक्ष रखें। इस मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता विजय शर्मा, डॉ एएस भल्ला की ओर से पुरुषोत्तम राय एवं कमल मंगल, नगर निगम की ओर से संजय सिंह कुशवाह ने अपना-अपना पक्ष रखा। शासन का कहना था कि बसंत बिहार रिहायशी कॉलोनी है, लेकिन यहां व्यवसाय किया जा रहा था। उनका यह भी कहना था कि जिस जमीन पर यह अस्पताल बना है वह जमीन पार्क के लिए आरक्षित थी। इस पर अवैध निर्माण कर अस्पताल बनाया गया है। शासन की ओर से कहा गया कि डॉ भल्ला इस तो किराएदार के रुप में आए हैं। डॉ भल्ला की ओर से कहा गया कि उन्हें दिए गए नोटिस में यह नहीं लिखा गया है कि जमीन पार्क की है और पार्क की जमीन पर कब्जा किया गया है। उनका यह भी कहना था कि अगर पार्र्किंग की व्यवस्था नहीं तो क्या भवन को तोड़ा जा सकता है। इस बात को लेकर शासन और आवेदक भल्ला के वकीलों में जमकर बहस चलती रही।
बिजली हो गई गुल
जिस समय अदालत में गर्मागर्म बहस चल रही थी तभी बिजली चली गई। हालांकि बिजली थोड़ी देर में आ भी गई थी इसके बाद फिर बहस हुई। पहले सुबह सभी वकील हाजिर हुए तब डॉ भल्ला की ओर से कुछ दस्तावेज पेश करने के लिए समय चाहा गया। इसके बाद दो बजे तक सुनवाई हुई। फिर तीन बजे से बहस हुई। इस दौरान डॉ भल्ला की ओर से उनके अधिवक्ता ने कहा गया कि शासन इस मामले को राजनीतिक रंग दे रहा है। शासन ने अपने जवाब में कहा है कि डॉ भल्ला बीजेपी के हैं और वे अपने प्रभाव का उपयोग करते रहे। उनका यह भी कहना था कि हमारी लडाई शासन से नहीं निगम से है। उन्होंने कहा कि निगम ने यह नहीं बताया कि यहां पार्क कहां है। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय के लिए ९ दिसंबर लगाई है।

Rajendra Talegaonkar Desk/Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned