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घर पर कोविड़ जांच ने बिगाड़ा संक्रमितों की गिनती का हिसाब किताब

स्वास्थ विभाग के पास रेकार्ड नहीं कितने मरीज घरेलू जांच में पॉजीटिव

ग्वालियर

Updated: January 15, 2022 02:15:07 am

ग्वालियर। कोरोना किट से घर बैठे जांच संक्रमण की पहचान का आसान जरिया तो जरूर है, लेकिन इसमें संक्रमित पाए जाने वाले परेशानी का सबब भी बन रहे हैं। क्योंकि घर की जांच में कितने लोग कोरोना पॉजीटिव आए हैं। स्वास्थ विभाग के पास भी इसका लेखा जोखा नहीं है। इसलिए इन संक्रमितों की न तो गिनती है और न निगरानी है। यह संक्रमित कोरोना के किस वैरिएंट से संक्रमित इसका ब्यौरा भी नहीं है।
कोरोना मरीजों की गिनती हर दिन तेजी पकड़ रही है। सरकारी रेकार्ड में जो संक्रमित सामने आ रहे हैं। इससे कहीं ज्यादा घरों में हो सकते हैं। इससे इंकार नहीं किया जा रहा है। क्योंकि खांसी, जुकाम और बुखार से संक्रमित होने वाले फीवर क्लीनिक पर जाने की बजाए घर में कोरोना किट से जांच कर रहे हैं।
बाजार में किट मेडिकल दुकानों पर मुहैया है तो लोग उसका इस्तेमाल कर पता कर रहे हैं वह संक्रमित हैं या नहीं। लेकिन सरकारी रेकार्ड में उनकी गिनती नहीं हो रही है। संक्रमित खुद स्वास्थ विभाग को अपना ब्यौरा नहीं दे रहा है। प्रशासन के पास उसका पता लगाने का तरीका नहीं है।
संक्रमण छिपा कर खुले में घूमने का डऱ
चिकित्सकों का कहना है कोरोना की इससे पहले की दोनों लहर में देखा गया है लोग संक्रमण का इलाज कराने के लिए सामने आने की बजाए उसे छिपाने की कोशिश में भी रहे हैं। जब स्थिति गंभीर हुई तब सामने आए हैं। तीसरी लहर में अभी तक संक्रमण हल्का है। अब घर पर किट से कोरोना जांच की सुविधा मिल रही है। इसलिए फीवर क्लीनिक पर टेस्ट कराने वाले कम हैं। क्योंकि जिन्हें संक्रमण छिपाना है वह जानते हैं फीवर क्लीनिक पर टेस्ट कराया तो रेकार्ड में आएंगे। क्वेंरटीन होना पड़ेगा। घर की जांच का पता नहीं चलेगा। दो तीन में ठीक महसूस करने पर यह संक्रमित बाहर घूम कर दूसरों के लिए खतरा साबित होते हैं।
न वेरिएंट का पता, न संक्रमण की ताकत का
जेएएच के प्रोफेसर डा. संजय धवले का कहना है कोरोना जांच किट की डिमांड तेजी से बढ़ी है इससे जाहिर है लोग अपनी जांच तो कर रहे हैं। लेकिन इससे सिर्फ यह पता चल सकता है वह संक्रमित हैं। लेकिन किस वेरिएंट के कोरोना से पीडि़त हैं यह पता नहीं कर सकते। ऐसे संक्रमितों को चाहिए अगर घरेलू जांच में संक्रमित आते हैं तो आरटीपीआर टेस्ट भी कराएं।
दो लहर के बाद गिनती का तरीका नहीं
कोरोना की दो लहरें निकलने के बाद स्वास्थ विभाग संक्रमितों की सटीक गिनती का तरीका नहीं ढूंढ पाया है। अभी तक ऐसा पोर्टल या नियम नहीं तैयार किया गया है जिससे कोरोना संक्रमितों का सटीक ब्यौरा उसके पास रहे।
इस तरह बन सकते खतरा
- घर पर जांच में कोरोना संक्रमित खुलेआम बाजार में घूमें तो उनकी निगरानी का तरीका नहीं
- संक्रमित के आसपास रहने वालों को भी पता नहीं होगा वह संक्रमित आया है।
- सरकारी रेकार्ड में कोरोना संक्रमितों का असली ग्राफ सामने नहीं आ सकता
- यह संक्रमित संक्रमण को बढाने का जरिया बन सकते हैं
इनक कहना है
किट से लोग घर पर कोरोना की जांच कर रहे हैं। इन संक्रमितों की गिनती रखने का तरीका अभी तक स्वास्थ विभाग के पास नहीं है। इसके लिए जल्द पोर्टल तैयार किया जाएगा।
मनीष शर्मा सीएमएचओ
Health department does not have a record, how many patients are positive in home test
घर पर कोविड़ जांच ने बिगाड़ा संक्रमितों की गिनती का हिसाब किताब

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