राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने के लिए पुट्टी से भर लीं मल्टी आर्ट कांप्लेक्स की दरारें, दो दिन में करना है काम पूरा

:आईजी,कलेक्टर,एसपी एडीएम ने किया निरीक्षण, दिए 12 दिसंबर की शाम पांच बजे तक काम पूरा करने के निर्देश

 

ग्वालियर। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेई इंटरनेशन कन्वेंशन सेंटर (मल्टी आर्ट कांप्लेक्स) के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आने की संभावना है। राष्ट्रपति के संभावित दौरे को ध्यान में रख कांप्लेक्स के पूरे परिसर को फौरी तौर पर चमकाया जा रहा हैं। कुछ दिन पहले तक जिन दीवारों में दरारें नजर आ रही थीं, उनको पुट्टी से भर दिया गया है। राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कराई जा रही इन तैयारियों को देखने के लिए एडीजी राजाबाबू सिंह, कलेक्टर अनुराग चौधरी, एसपी नवनीत भसीन, निगमायुक्त संदीप माकिन और एडीएम किशोर कान्याल सोमवार को पहुंचे। व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद कलेक्टर ने बाकी का काम 12 दिसंबर को शाम 5 बजे तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कुलपति प्रो संगीता शुक्ला, कुलसचिव डॉ आईके मंसूरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान एडीजी ने सुरक्षा से संबंधित बिंदुओंं पर अधिकारियों से विमर्श करने के बाद निर्देश दिए कि चेकलिस्ट पहले से ही तैयार कर ली जाए और उसी के हिसाब से ही काम किया जाए।


प्रवेश पर असमंजस

उद्घाटन के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय परिसर में लाने के लिए अधिकारी प्लानिंग कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि शुरुआत से यह तैयारी की जा रही है कि राष्ट्रपति को मुख्य द्वार से अंदर लाकर मल्टी आर्ट कांप्लेक्स के सामने के द्वार से अंदर लाया जाए। लेकिन इस प्लानिंग में कुछ फेरबदल करके स्टेज के नजदीक स्थित द्वार से अंदर लाने पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की संभावना है। हालांकि, राष्ट्रपति के प्रवेश और निर्गम की पूरी रूपरेखा उच्च स्तर के सुरक्षा मानकों के अनुसार ही की जाएगी, इसके बाद भी जेयू के अधिकारी अपने हिसाब से तैयारी कर रहे हैं।


भर गईं दीवारों की दरारें

मल्टी आर्ट कांप्लेक्स का कुछ दिन पहले कलेक्टर अनुराग चौधरी ने निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेज और दीवारों की हालत, कुर्सियां और अन्य सामान की गुणवत्ता को प्रश्नचिन्ह लगाया था। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को भी काम को सोमवार तक बेहतर करने की चेतावनी दी थी। तय समय के बाद कलेक्टर ने फिर से निरीक्षण किया तो स्थितियां कुछ हद तक बेहतर मिली हैं।

जेयू के अधिकारियों ने सारी कमियां छुपाने के लिए दीवारों की दरारों पुट्टी से भरवा दी हैं। अब पर्दे, लाइट और कुर्सियों से धूल हटाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सब करने के बाद भी छत पर पानी भरने की तकनीकी खामी को दूर करने का प्रयास नहीं किया गया है। इसके अलावा इमारत की बुनियाद में आ रहीं दरारों को भरने से चूक गए हैं। अब इनको भी भरने का प्रयास किया जाने लगा है।


बुधवार की शाम के बाद नहीं होगा कोई काम

कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी-पीआईयू और जीवाजी विश्वविद्यालय के अधिकारियों से सीधे तौर पर कहा है कि जो भी काम करना है, वे सब 12 दिसंबर की शाम तक हर हाल में पूरे कर लें। शाम 5 बजे के बाद किसी भी प्रकार का काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दौरे की तैयारियां ब्लू बुक के आधार पर ही हों।


यह दिए हैं अन्य निर्देश

-एडीजी, कलेक्टर एवं एसपी ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो संगीता शुक्ला से पूरी जानकारी लेने के बाद कहा कि यह पहले से तय कर लें कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होना चाहिए।


-राष्ट्रपति की प्रस्तावित यात्रा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट से वीआईपी सर्किट हाउस तक और वीआईपी सर्किट से कार्यक्रम स्थल तक की सडक़ में कहीं कुछ खामी हो तो उसको समय से सही कर लें।

Dharmendra Trivedi Reporting
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