प्रदेश में सुरक्षित नहीं महिलाएं: रोजाना 27 से छेड़छाड़, 13 से बलात्कार, ग्वालियर चौथे नंबर पर

प्रदेश में सुरक्षित नहीं महिलाएं: रोजाना 27 से छेड़छाड़, 13 से बलात्कार, ग्वालियर चौथे नंबर पर

Gaurav Sen | Publish: Sep, 03 2018 01:18:36 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

प्रदेश में सुरक्षित नहीं महिलाएं: रोजाना 27 से छेड़छाड़, 13 से बलात्कार, ग्वालियर चौथे नंबर पर

हरपाल सिंह चौहान @ ग्वालियर

सरकार कितने भी दावे करे, लेकिन मध्यप्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उनके साथ रोजाना छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। इस साल जनवरी से जून तक 181 दिन में प्रदेश में 4 हजार 961 महिलाओं से छेड़छाड़ और 2 हजार 439 के साथ बलात्कार किया गया। यानि रोजाना 27 महिलाएं छेड़छाड़ और 13 बलात्कार की शिकार हुईं। महिला सुरक्षा के मामले में प्रदेश के 51 जिलों में भोपाल की स्थिति सबसे खराब है। इसके बाद इंदौर दूसरे नंबर पर, जबलपुर तीसरे और ग्वालियर चौथे नंबर पर हैं। यह आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड के हैं, इसके अलावा जीआरपी में दर्ज मामले अलग हैं। सैकड़ों पीडि़ताएं ऐसी भी हैं, जो बदनामी के डर से थानों तक नहीं पहुंचीं।

छह महीनों का आंकड़ा

महीना दुष्कर्म छेड़छाड़
जनवरी 369 869
फरवरी 348 774
मार्च 427 945
अप्रैल 404 744
मई 459 822

जून

 

432 807


न काम आया एमपी इ-कॉप ना ही वी केयर फॉर यू सेल
महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एमपी इ-कॉप मोबाइल ऐप और पोर्टल सेवा शुरू हुई थी, ताकि मुसीबत के समय बटन दबाने पर महिला को तुरंत मदद मिल सके। इसके अलावा वी केयर फॉर यू, महिला सेल सहित अन्य कई व्यवस्थाएं बनाई गईं, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति फिर भी खराब है।

महिलाएं जानें अपने अधिकार

  1. दुष्कर्म पीडि़ता किसी भी पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज करा सकती है। पुलिस अधिकारी यह कहकर नहीं टाल सकते कि मामला उनके थाने की सीमा का नहीं है।
  2. सीआरपीसी की धारा 160 के तहत महिलाओं को पुलिस स्टेशन पर पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा सकता है।
  3. महिलाएं किसी भी समय शिकायत दर्ज करा सकती हैं, पुलिस यह कहकर नहीं टाल सकती कि शिकायत करने देरी से आए।
  4. पुलिस स्टेशन शिकायत करने गई महिला को मुफ्त में कानूनी सलाह का अधिकार है।
  5. रेप पीडि़ता को अधिकार है कि वह गोपनीय तरीके से अपना बयान दर्ज कराए।
  6. पीडि़ता चाहे तो इ-मेल या रजिस्टर्ड पोस्ट से शिकायत दर्ज करा सकती है।
  7. किसी भी स्थिति में महिला की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में कोर्ट की तरफ से सख्त निर्देश हैं।
Ad Block is Banned