प्रदेश में सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ हिंसा ग्वालियर में, आंकड़े देखकर होश उड़ जाऐंगे आपके

Gaurav Sen

Publish: Feb, 15 2018 11:13:49 AM (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
प्रदेश में सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ हिंसा ग्वालियर में, आंकड़े देखकर होश उड़ जाऐंगे आपके

जिले में जनवरी 2018 तक 1145 मामले महिला सशक्तिकरण में और 20 मामले स्थानीय परिवाद समिति में दर्ज हुए हैं।

ग्वालियर। कार्यस्थल पर महिलाओं को लगभग हर दिन दोहरे अर्थ वाले संवाद, लैंगिक इशारे सहित कुछ मामलों में मानसिक और शारीरिक हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। जिले में जनवरी 2018 तक 1145 मामले महिला सशक्तिकरण में और 20 मामले स्थानीय परिवाद समिति में दर्ज हुए हैं।

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इस हिसाब से देखा जाए तो हर दिन 3.11 और हर महीने 95 महिलाओं को किसी न किसी प्रकार की हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। खास बात यह है कि कार्यस्थल पर लैंगिक हिंसा में जहां 70 फीसदी मामले में ज्यादा उम्र के पुरुषों का नाम सामने आया है, वहीं युवतियां, महिलाएं और किशोरियों के साथ यौन उत्पीडऩ में घर के नजदीकी संबंध रखने वाले पुरुष, युवक या किशोर कारण बने हैं।

 

 

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इन समितियों के पास दर्ज कराएं शिकायत
महिला के साथ किसी भी तरह का दुव्र्यवहार होने पर पुलिस के न सुनने पर महिला सशक्तिकरण में शिकायत की जा सकती है। कार्यस्थल पर लैंगिंक हिंसा होने पर आंतरिक परिवार समिति और जिला स्तर पर स्थानीय परिवाद समिति में शिकायत की जा सकती है। महिलाआें की सुनवाई के लिए गठित समितियों में सवर्ण, अल्पसंख्यक, अजा-जजा वर्ग और सामाजिक संगठन की महिलाओं को सदस्य बनाया जाता है।

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यह कहता है आईपीसी
छेड़खानी होने पर धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इस धारा को चार भागों में विभाजित किया गया है। इसके अंतर्गत धारा 354 ए में दोष सिद्ध होने पर न्यूनतम १ साल और अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। 354 बी में 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

 

crime with women in gwalior

नाबालिग से यौन अपराध अक्षम्य
नाबालिग लड़की या बच्चों से छेड़खानी-यौन अपराध के मामले में पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत गैर जमानती अपराध पंजीबद्ध होता है। अपराध सिद्ध होने पर एक्ट के अंतर्गत न्यूनतम ७ साल और अधिकतम आजीवन कारावास भी हो सकता है। इसमें तीन श्रेणियां हैं, जिसमें अश्लील फिल्म दिखाने पर, अश्लील फिल्म को रिकॉर्ड करके कमर्शियल उद्देश्य के लिए उपयोग करना आदि शामिल हैं।

अपराध की स्थिति
73.9 त्नग्वालियर में अपराध महिलाओं के खिलाफ महिला सशक्तिकरण विभाग ने महिलाओं के लिहाज से शहर की मानसिकता में सुधार की बात कही 51.2 प्रतिशत पंजीकृत अपराधों के साथ जबलपुर का दूसरा नंबर है।

 

crime with women in gwalior

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, बुरहानपुर, छतरपुर शहरों के लिए सेफ सिटी प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं। इसमें शिक्षा, नगर निगम, पुलिस सहित अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर काम करेंगे। असुरक्षित जगहों को चिन्हित किया जाएगा।
सुरेश तोमर, संयुक्त संचालक-महिला सशक्तिकरण संचालनालय-भोपाल

कार्यस्थल पर हिंसा के मामलों में स्थानीय परिवार समिति निराकरण कर रही है। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में कमी लाने के लिए सामाजिक स्तर पर जागरुकता उत्पन्न करने का काम जारी है।
शालीन शर्मा, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी-ग्वालियर

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