50 लाख का माल खरीदने पर एक फीसदी टीसीएस काटना व्यापारी पर बढ़ाएगा अनावश्यक बोझ

- आम बजट में आयकर एवं जीएसटी पर प्रस्तावित प्रावधानों एवं जटिलताओं पर चैंबर भवन में हुआ चर्चा का आयोजन

By: Narendra Kuiya

Published: 12 Feb 2021, 11:43 PM IST

ग्वालियर. अब आयकर में डिडेक्शन नहीं मिलेगा। माल खरीदी पर टीसीएस लगा दिया गया है। एक वर्ष में 10 करोड़ से ऊपर का टर्नओवर होने अथवा 50 लाख का माल क्रय करने पर एक फीसदी टीसीएस काटना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि पूर्व में यह प्रावधान विक्रेता के ऊपर लागू था। इससे व्यापारी की परेशानी बढ़ेगी और अनावश्यक आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। यह बात सीए अशोक विजयवर्गीय ने आम बजट में आयकर एवं जीएसटी पर प्रस्तावित प्रावधानों एवं जटिलताओं पर चैंबर भवन में हुए कार्यक्रम के दौरान कही। आम बजट पर जीएसटी प्रावधानों पर सीए दीपक वाजपेयी ने कहा कि माल परिवहन पर अनजाने में व्यापारी से होने वाली छोटी-छोटी गलतियों पर पूर्व में 100 फीसदी का जो जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान था, उसे अब आम बजट में 200 फीसदी कर दिया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि ऐसे प्रकरण जब अपील में जाते हैं, तो 99 फीसदी को छूट मिल जाती है। बावजूद इसके इस प्रावधान को केवल व्यापारियों को परेशान करने के लिए लाया गया है। 50 लाख से ऊपर 1 फीसदी के मासिक जिनका टर्नओवर 50 लाख से ऊपर मासिक है, उनको 99 फीसदी तक की इनपुट क्रेडिट ही मिल सकेगी। यानि कि जीएसटी का 1 फीसदी उनको नकद जमा करना ही होगा। यह प्रावधान व्यापार में कड़े अवरोधक का काम करेगा क्योंकि प्रत्येक व्यापारी और उद्योगपति के पास तरलता का अभाव है और ऐसी स्थिति में इन्पुट क्रेडिट होते हुए भी टैक्स भरना पड़ेगा, इससे तरलता में कमी आएगी और ईमानदारी से कर जमा करने की प्रवृत्ति में भी यह बाधक बनेगी। इसलिए इस प्रावधान को समाप्त किया जाना चाहिए। इस मौके पर चैंबर अध्यक्ष विजय गोयल, संयुक्त अध्यक्ष प्रशांत गंगवाल, मानसेवी सचिव डॉ.प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव ब्रजेश गोयल, सीए आशीष पारिख, सीए नितिन पहारिया, सीए एसके जैन आदि मौजूद थे।

Narendra Kuiya Reporting
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