पुलिस को चुनौती देकर डकैत गैंग फिर अंडरग्राउंड

मोबाइल फोन से ट््रेस करना मुश्किल, लूटे गए फोन का इस्तेमाल कर रहा डकैत

By: Puneet Shriwastav

Published: 18 Oct 2020, 10:32 PM IST

ग्वालियर। 13 दिन में दो बार खदानों पर आकर चंदा वसूली के लिए धमकी और वहां काम करने वाले मजदूरों की पिटाई कर डकैत बैजू और गुडडा गुर्जर का गिरोह पुलिस के लिए चुनौती बना है।

जिन इलाकों में गिरोह उत्पात मचा रहा है वह भी गुर्जर बाहुल्य इलाके हैं। इसलिए पुलिस को गिरोह की ठोस मुखबिरी नहीं मिल रही है। अभी तक अंचल में सक्रिय रहे डकैतों का मोबाइल शौक उनकी शामत रहा है।

बैजू और गुडडा को भी इसी पैंतरे से घेरने के लिए पुलिस ने तानाबाना तो बुना है, लेकिन उसमें भी अडचन आ रही है। गिरोह की तलाश में जुटे पुलिस अधिकारी कहते हैं डकैत सरगना बैजू और गुडडा भी शातिर हैं।

दोनों ३ अक्टूबर को डोंगरी खदान शिवपुरी के रास्ते पर करीब ३०-३५ मजदूरों को रोककर उनमें ज्यादातर के मोबाइल फोन लूट कर ले गए थे। यही हरकत 16 अक्टूबर खाडीनाला पर महेश गुर्जर की खदान पर चंदे के लिए धमकी देने के वक्त की।यहां खदान पर काम करने वाले कोकसिंह और नेता आदिवासी को पीटा और उनके मोबाइल लूटे।


दर्जनों फोन उनसे संपर्क
डकैत के पास ताजा हालात में दर्जनों लूटे गए फोन हैं। यह पता नहीं उनमें से किस मोबाइल फोन से वह मददगारों से संपर्क में हैं। इन सभी फोन को ट््रेसिंग पर लगाना भी आसान नहीं है।

फिर भी उन्हें सर्च किया जा रहा है। लेकिन उससे गिरोह की सटीक लोकेशन नहीं मिलती। जो लोकेशन सामने आती है वहां से गिरोह गायब हो चुका होता है।
तिघरा इलाके में मददगारों का इनपुट
उधर डकैतों के टारगेट पर आए लोगों का कहना है कि गिरोह के कुछ ठोस मददगार तिघरा इलाके में है। इसी रूट के जंगली हिस्से से गैंग मुरेना क्रास होता है।

Puneet Shriwastav Reporting
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