(शशि भूषण पांडेय)

ग्वालियर। यदि आप यहां से गुजर रहे है तो यह आपके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। साथ ही इसमें आपकी जान भी जा सकती है। दरअसल नए आरओबी से ट्रैफिक शुरू होने से पुराने पड़ाव पुल पर वाहनों का दबाव तो कम हुआ, लेकिन नए पुल से सिंधिया कन्या विद्यालय की तरफ उतरने वाले वाहनों के लिए रास्ता आसान नहीं, बल्कि खतरों भरा है, इसकी वजह सडक़ के बीच में स्थिति दो पुराने पेड़ हैं। इन पेड़ों से पूर्व में भी दुर्घटनाएं होती रही हैं, लेकिन नए आरओबी से तेज गति से उतरने वाले वाहनों के कारण पेड़ से टकराने की घटनाएं बढ़ गई हैं।

 

खासतौर से रात में लोगों को अधिक दिक्कत हो रही है। तीन दिन में कई वाहन चालक इनसे टकरा चुके हैं और कई टकराते-टकराते बचे हैं। सिंधिया कन्या विद्यालय के पास दो नीम के पेड़ हैं। पूर्व में यह सडक़ किनारे पर थे, तीन-चार साल पूर्व सडक़ चौड़ी कर डिवाइडर बनाए जाने पर यह बीच में आ गए, जिससे बीस फीट की सडक़ पेड़ के एक तरफ 10 और दूसरी तरफ सात फीट की रह गई। पत्रिका टीम ने शाम पांच बजे पड़ाव आरओबी से आने वाले ट्रैफिक को देखा। इस दौरान मोटर साइकिल से जा रहे दीपक राय पेड़ से टकराने से बचे।

 

इसी बीच थाटीपुर से आ रहा एक युवक बाइक से तेज गति से आता हुआ पेड़ से टकराते हुए बचा। इन लोगों का कहना था कि नगर निगम इन पेड़ों को हटा दे या शिफ्ट कर दे, नहीं तो अनहोनी हो सकती है।मोतीमहल रोड पर इन दो पेड़ों की वजह से सडक़ काफी संकरी हो गई है। पड़ाव आरओबी चालू होने पर इस मार्ग पर वाहनों की संख्या में चार गुनी वृद्धि हो गई है, इससे सुबह और शाम को इस रोड पर स्थित एलआइसी कार्यालय के सामने जाम लग जाता है।

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