ब्रेन में बने 9 एमएम गुब्बारे के सफल ऑपरेशन से दिनेश की बची जिंदगी, अब पूरे कर सकेगा चार बेटियों के सपने

मेट्रो की तर्ज पर बिड़ला हॉस्पिटल में हुआ एण्डोवास्कुलर पद्धति से ऑपरेशन

By: Mahesh Gupta

Published: 21 Aug 2021, 10:14 AM IST

ग्वालियर.
19 जुलाई को खेत में काम करते समय सिर में तेज दर्द हुआ। मुझे जेरोन (निवाड़ी) अस्पताल में दिखाया गया। उन्होंने झांसी रेफर कर दिया। झांसी में जांच में मालूम चला कि दिमाग की नस फट गई है। इलाज हुआ, लेकिन आराम नहीं मिला। उन्होंने हालात नाजुक बताए। तब मेरे सामने अपनी चारों बेटियों का उजड़ता भविष्य नजर आ रहा था। मैं बार-बार सोच रहा था कि उनके सपने कैसे पूरे करूंगा। तब ग्वालियर में बिड़ला हॉस्पिटल में दिखाया। डॉ. सौरभ गुप्ता ने बताया कि दिमाग की एक नस फटने से गुब्बारा बन गया है, जिसका ऑपरेशन होगा। मैंने सहमति जताई। उन्होंने एण्डोवास्कुलर टेक्निक से ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के 4 दिन हो चुके हैं। अब मैं अपनी चार बेटियों के सपने पूरे कर सकूंगा। यह कहना है पेशेंट दिनेश कुशवाह (29 वर्ष) का, जिसका ऑपरेशन बिड़ला हॉस्पिटल की टीम ने किया। यह जटिल ऑपरेशन बिना चीरे व टांके के पैर की नस के रास्ते किया गया। अब दिनेश ठीक हैं।

तीन घंटे में पाई सफलता, ब्लड लॉस भी नहीं हुआ
इंटरवेंशनल न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ गुप्ता ने बताया कि मरीज की हालत बहुत खराब थी। उसे ब्रेन हेमरेज था। दिमाग की धमनी में 9 एमएम का गुब्बारा बन गया था, जिसके फटने की वजह से ब्रेन में रक्त का रिसाव हुआ था। अभी तक यह जटिल ऑपरेशन दिमाग को खोलकर किया जाता था। परंतु अत्याधुनिक न्यूरो इंटरवेशनल पद्धति द्वारा मैंने अपनी टीम के साथ मिलकर तीन घंटे में जटिल ऑपरेशन किया। यह मैंने पैर की नस के रास्ते से सुई ले जाकर गुब्बारे को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह ऑपरेशन रिस्की था, लेकिन मुझे मरीज का जीवन बचाना था।

एण्डोवास्कुलर टेक्निक से इन्फेक्शन के चांसेज नहीं रहते
डॉ. सौरभ ने बताया कि एण्डोवास्कुलर टेक्निक से ऑपरेशन होने पर हॉस्पिटल स्टे कम हो जाता है। इन्फेक्शन के चांसेज कम होते हैं। ब्लीडिंग का रिस्क नहीं रहता। इस केस में 15 से 20 एमएल ब्लड लॉस हुआ और पेशेंट तीसरे दिन चलने की स्थिति में हो गया।

15 परसेंट लोग नहीं पहुंच पाते अस्पताल
इस तरह के केस में 15 परसेंट लोग हॉस्पिटल तक नहीं पहुंच पाते। जो पहुंचते हैं और उन्हें सही तरीके से इलाज नहीं मिला तो मौत के चांसेज बढ़ जाते हैं।

Mahesh Gupta
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