दूरस्थ शिक्षण संस्थान पर संकट के बादल, 26 कोर्स बंद, 10 हजार छात्रों की बढ़ेगी मुसीबत

दूरस्थ शिक्षण संस्थान पर संकट के बादल, 26 कोर्स बंद, 10 हजार छात्रों की बढ़ेगी मुसीबत

By: Gaurav Sen

Published: 03 Mar 2019, 09:54 AM IST

ग्वालियर। डिस्टेंस एजुकेशन के 26 कोर्स जीवाजी यूनिवर्सिटी के दूरस्थ शिक्षण संस्थान में बंद हो गए हैं। इसके साथ ही प्रति वर्ष लगभग 10 हजार छात्रों से फीस के रूप में होने वाली करीब 5 करोड़ रुपए की आय भी बंद हो गई है। इसके बाद भी जेयू प्रबंधन ने ध्यान न दिया तो विश्वविद्यालय को होने वाली आय का प्रमुख स्रोत बंद होने के साथ-साथ हजारों छात्रों को प्राइवेट फार्म भरने के कारण निजी कॉलेजों के शोषण का शिकार होना पड़ेगा। इस मामले में प्रबंधन का कहना है कि दूरस्थ शिक्षा पद्धति के लिए यूजीसी और सरकार में सामंजस्य हो जाए तो सारे कोर्स दोबारा शुरू हो सकते हैं और शिक्षकों की जगह भी भरी जा सकती है।

दरअसल, विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद डिस्टेंस एजुकेशन डिपार्टमेंट की प्रगति के लिए प्रबंधन के साथ-साथ सरकार भी दोषी है। इसका परिणाम यह निकला है कि उच्च शिक्षा अनुदान आयोग द्वारा कुछ समय पूर्व जारी किए गए नियम और मानकों को भी संस्थान पूरा नहीं कर पा रहा था। कोर्स बंद होने के बाद अब काम के साथ-साथ पढ़ाई करने वाले, ग्रहणियां या फिर नियमित पढ़ाई की फीस भरने में अक्षम छात्रों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी। बता दें कि स्नातक और परास्नातक के अधिकतर कोर्स बंद होने के बाद बदइंतजामी की मार झेल रहे संस्थान को उबारने के लिए जेयू ने अपील तो की है, लेकिन इसका फायदा फिलहाल नहीं मिला है।

एक नजर में दूरस्थ शिक्षण संस्थान

  • संस्थान की स्थापना 1994 में हुई थी।
  • संस्थान के 60 से अधिक स्टडी सेंटर थे।
  • 10 हजार से अधिक छात्र प्रतिवर्ष अलग-अलग कोर्स में प्रवेश लेते हैं।
  • वर्तमान में 26 कोर्स बंद हो गए हैैं, संस्थान बंद होने की कगार पर है।

जिम्मेदार भी लापरवाह
डिस्टेंस एजुकेशन के प्रभारी की जिम्मेदारी प्रो. एके श्रीवास्तव को दी गई है। इसके साथ ही जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति ने प्रो. श्रीवास्तव को परीक्षा नियंत्रक का प्रभार भी सौंप दिया है। इसके अलावा पुर्नमूल्यांकन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी प्रो. श्रीवास्तव को ही दी गई है। जबकि मूल रूप से वे भौतिकी विभाग में पदस्थ हैं। प्रो. को चार-चार जिम्मेदारियां सौंपने के कारण एक भी काम सही तरीके से नहीं हो रहा है।

डिस्टेंस एजुकेशन चालू रखना हमारी जिम्मेदारी है। यह सामंजस्य सरकार और यूजीसी में हो जाए तो सारे पाठ्यक्रमों को मान्यता मिल जाएगी। हम अपनी तरफ से प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए हम अपील में भी गए थे।
प्रो. संगीता शुक्ला, कुलपति-जीवाजी विश्वविद्यालय

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