ड्रॉइंग से बताया टीबी के कारण, उपाय और उपचार

ऑनलाइन पेंटिंग कॉम्पीटिशन में स्टूडेंट्स ने लिया भाग

ग्वालियर.

टीबी अब लाइलाज नहीं रही। इसका इलाज संभव है, लेकिन जरूरत है नियमित दवाइयां लेने की और नशे से दूर रहने की। आज का युवा नशे की गिरफ्त में है, जिस कारण से यह बीमारी समय के साथ बढ़ रही है। कुछ ऐसा ही संदेश स्टूडेंïट्स ने ऑनलाइन पेंटिंग कॉम्पीटिशन के माध्यम से दिए। यह कॉम्पीटिशन शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1 मुरार के ओजस क्लब की ओर से स्टूडेंट्स के लिए कंडक्ट कराया गया था। यह कॉम्पीटिशन वल्र्ड टीबी डे के अवसर पर रखा गया, जिसमें कक्षा 9 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स ने पाॢटसिपेट किया।

चित्र बनाकर वॉट्सअप पर किया डाउनलोड
इस कॉम्पीटिशन में छात्र एवं छात्राओं को 'क्षय रोग की पहचान, बचाव और उपचारÓ विषय दिया गया था, जिसमें उन्हें अपने घर पर ही पेंटिंग बनाकर ऑनलाइन वॉट्सअप पर सेंड करना था। इसमें स्टूडेंट्स ने अच्छा परफॉर्म किया। बच्चों ने समय का सदुपयोग करते हुए और रुचि दिखाते हुए सक्रिय सहभागिता की। कॉम्पीटिशन की संयोजिका डॉ. दीप्ति गौड़ रहीं।

नशा है विनाश की जड़
ड्रॉइंग में बताया कि युवाओं और बच्चों में भी तंबाकू उत्पादों का बढ़ता उपयोग चिंता का विषय है। शोध के अनुसार कम आयु में तंबाकू का उपयोग शुरू करने पर इस आदत को छोडऩा बहुत ही कठिन होता है तथा विभिन्न रोगों के होने की संभावना भी अधिक हो जाती है। विद्यार्थियों को तंबाकू व नशीले पदार्थों से होने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में जानकारी होनी आवश्यक है, ताकि समाज में जागरूकता फैला सकें।

ये रहे विनर
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वैष्णवी झा, द्वितीय स्थान अंजली सिंह और तृतीय स्थान वंशिका अग्रवाल का रहा। इसी प्रकार 11 सांत्वना पुरस्कार में अंजली कुशवाह, रवि कुमार धाकड़ और चित्रांशी श्रीवास्तव रहे। विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय में भविष्य में होने वाले कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

Mahesh Gupta
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