शहर के इन मेडिकल पर मिलती हैं एक्सपायरी दवाईयां, सावधान रहें नहीं तो पड़ सकते हैं मुश्किल में

Gaurav Sen

Publish: Oct, 13 2017 11:35:31 (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
शहर के इन मेडिकल पर मिलती हैं एक्सपायरी दवाईयां, सावधान रहें नहीं तो पड़ सकते हैं मुश्किल में

शहर के निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर फूड एंड ड्रग्स की टीम ने औचक छापेमारी की। अस्पतालों में चल रहे इन मेडिकल स्टोरों पर व्यवस्था दुरुस

ग्वालियर। शहर के निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर फूड एंड ड्रग्स की टीम ने औचक छापेमारी की। अस्पतालों में चल रहे इन मेडिकल स्टोरों पर व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। औषधि निरीक्षक अजय ठाकुर, दिलीप अग्रवाल ग्वालियर, मनीष मुरैना व देशराज सिंह राजपूत डीआई शिवपुरी ने पांच मेडिकल स्टोर चेक किए। इनमें ट्रस्ट मेडिकल बिड़ला अस्पताल, अजय मेडिकल बिड़ला नगर, आरोग्यधाम मेडिकल, पुलकित मेडिकल जेएएच, कैंसर हॉस्पिटल मेडिकल, सिम्स मेडिकल स्टोर शामिल हैं।


आरोग्यधाम मेडिकल स्टोर पर जांच के दौरान फार्मासिस्ट नहीं मिला। साथ ही यहां पर काफी संख्या में एक्सपायरी दवामिली। कैंसर हॉस्पिटल मेडिकल स्टोर और सिम्स मेडिकल स्टोर पर भी एक्सपायरी दवाएं टीम को मिलीं। जयारोग्य अस्पताल स्थित पुलकित मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं मिला।टीम जांच कर रही थी उस दौरान फार्मासिस्ट यहां पहुंचा। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर औषधि निरीक्षकों ने सेल्स के पर्चे मेडिकल स्टोर संचालक से उपलब्ध कराने को कहा। अस्पतालों के इन मेडिकल स्टोरों पर अनियमिताएं मिलने पर सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। फूड एंड ड्रग्स की टीम ने भोपाल मुख्यालय के निर्देश के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

 

डॉ. कुशवाह का पंजीयन और लाइसेंस सस्पेंड
ग्वालियर. होम्योपैथी पद्धति से मरीजों का इलाज करने के नाम पर एलौपैथी प्रेक्टिस करते पकड़े गए डॉ. सुरेन्द्र सिंह कुशवाह का पंजीयन और लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएस जादौन ने की है।


गोल पहाडि़या तिघरा रोड पर डॉ. कुशवाह ने शिवम क्लीनिक के नाम पंजीयन करा रखा था। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. एके दीक्षित ने औचक निरीक्षण के दौरान डॉ. कुशवाह को एलौपैथी प्रेक्टिस करते हुए पकड़ा था। क्लीनिक पर 13 बिस्तर का नर्सिंग होम भी अवैध रूप से संचालित हो रहा था। डॉ. जादौन ने शिकायत मिलने पर क्लीनिक पर कार्रवाई कर उसे सील किया था, लेकिन डॉ. कुशवाह चोरी छुपे क्लीनिक का संचालन करता रहा। सीएमएचओ ने मध्यप्रदेश उपचार्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के प्रावधानों के उल्लंघन पर पंजीयन निरस्त कर दिया।


इनका कहना
सभी मेडिकल स्टोर पर अनियमिताएं मिली हैं। कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अजय ठाकुर, डीआई, फूड एंड ड्रग्स

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