स्वीपिंग मशीन से सफाई के बाद भी सडक़ों पर धूल

शहर की सडक़ों को डस्ट फ्री करने के लिए निगम द्वारा मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन किराए पर ली गई हंै लेकिन मशीन से भी सडक़ साफ नहीं हो रही है।

ग्वालियर. शहर की सडक़ों को डस्ट फ्री करने के लिए निगम द्वारा मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन किराए पर ली गई हंै लेकिन मशीन से भी सडक़ साफ नहीं हो रही है। आलम यह है कि जहां मशीन सफाई करती है वहां भी धूल जमी हुई है। यहां तक कि मशीन के साथ निगम कर्मचारी हाथों से भी वहां सफाई कर रहे हैं, जबकि ठेके के अनुसार सडक़ की पूरी सफाई की जिम्मेदारी कंपनी की है इसके बावजूद निगमसफाई कर्मचारी झाडू लगा रहे हैं।

नगर निगम ने शहर की 12 सडक़ों की सफाई के लिए 10 लाख रुपए महीने किराए पर दो मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन ली हैं। इन मशीनों के जरिए सडक़ों की सफाई होना है लेकिन सडक़ों पर मशीनों से सफाई के बावजूद गंदगी पड़ी रहती है। होटल एंबियंस से गोला का मंदिर तक सडक़ की भी सफाई मशीन के जरिए की जा रही है। मशीन से सडक़ पर सफाई की गई, लेकिन डिवाइडर के पास इतना अधिक धूल जमा है जिसे देखकर लगता ही नहीं कि यहां सफाई हुई। पूरी सडक़ पर सफाई की जिम्मेदारी कंपनी की है लेकिन इस सडक़ पर निगम द्वारा भी सफाई की जा रही है। ऐसे में निगम को 10 लाख रुपए भी खर्च करना पड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर निगम के सफाईकर्मी भी इन सडक़ों पर झाडू लगा रहे हैं।
मैनुअल करेंगे सफाई
- सडक़ों पर धूल अधिक है इसलिए पूरी तरह से साफ होने में समय लगेगा। सडक़ की पूरी सफाई करने की जिम्मेदारी हमारी है। हम लेबर को बुला रहे हैं जो कि मैनुअल भी सफाई करेंगे।
अजीत श्रीवास्तव, ऑपरेशन मैनेजर, स्वीपिंग मशीन कंपनी

राजेश श्रीवास्तव
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